हरदा नगरपालिका की परिषद बैठक में शुक्रवार को जलकर बढ़ाने को लेकर जोरदार बहस हुई। नगरपालिका सभागार में हुई इस बैठक में कुल 30 बिंदुओं पर चर्चा की गई।
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वर्तमान में शहर के 25,530 मकानों में से केवल 9,000 घरों में नल कनेक्शन हैं। 2004 से उपभोक्ताओं से 75 रुपए मासिक जलकर वसूला जा रहा है। नगर पालिका ने खर्च का हवाला देते हुए इसे 300 रुपए करने का प्रस्ताव रखा। अधिकारियों का कहना है कि एक घर तक पानी पहुंचाने में 524 रुपए का खर्च आता है।
इस प्रस्ताव का कांग्रेस पार्षद अहद खान, अक्षय उपरीत और नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने विरोध किया। उनका तर्क था कि 400 प्रतिशत की वृद्धि उचित नहीं है। वहीं भाजपा पार्षद रक्षा धनगर ने 150 रुपए मासिक जल कर का सुझाव दिया। लंबी चर्चा के बाद भाजपा पार्षदों ने 200 रुपए मासिक जल कर पर सहमति जताई। हालांकि नई दर कब से लागू होंगी, यह अभी तय नहीं हुआ है।
नपाध्यक्ष भारती कमेडिया ने बताया कि बैठक में अन्य विकास कार्यों पर भी चर्चा की गई। शहर के कई वार्डों में पुरानी पाइपलाइन बदली जाएगी। नए बस स्टैंड पर दुकानों के आवंटन का मुद्दा भी उठा। इसके अलावा तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई।
बैठक में 19 दुकानों और एक छत की 30 वर्षीय लीज का मुद्दा भी आया, जिनकी अवधि 2028 तक है। इनमें से 7 दुकानें मासिक किराए पर दी गई हैं।