Agriculture Tips: धान की खेत से ex की तरह हटाएं अनवांटेड घांस, फसल का बाल भी नहीं होगा बांका!

Agriculture Tips: धान की खेत से ex की तरह हटाएं अनवांटेड घांस, फसल का बाल भी नहीं होगा बांका!


Last Updated:

Kharpatwar Hatane ke Tips: धान की फसल को खरपतवार नष्ट कर सकते हैं, ऐसे में कुछ टिप्स की मदद से आप अपनी फसल को बिना नुकसान पहुचाएं खेत से खरपतवार का निपटारा कर सकते हैं.

बालाघाट जिला एक धान उत्पादक जिला है. ऐसे में यहां पर धान का उत्पादन और उत्पादकता मध्य प्रदेश में अन्य जिलों में सबसे ज्यादा है. ऐसे में यहां पर धान का रकबा भी ज्यादा है. अब जिले के किसान भाईयों ने धान की रोपाई का काम पूरा कर लिया है. अब इसे 20-25 दिन बीत चुके हैं. लेकिन अब धान में खरपतवार लगना भी शुरु हो गए है. ऐसे में लेकिन निंदा नाशक यानी खरपतवारनाशी के इस्तेमाल से खेत में खरपतवार तो नष्ट होते ही हैं लेकिन फसल पर भी असर पड़ता है. इस मामले में लोकल 18 ने बालाघाट के राजा भोज कृषि महाविद्यालय प्रोफेसर डॉक्टर उत्तम बिसेन से बातचीत की, पढ़िए उन्होंने किसान भाइयों को क्या सलाह दी…

धान के खेत में आ रहा खरपतवार
अगर फसल में अवांछनीय पौधे यानी फसल के अलावा दूसरा पौधा भी आ जाए, जो फसल की गुणवत्ता पर असर डालता है, उसे खरपतवार कहते हैं. ऐसे में धान की खेती में भी खरपतवार आते हैं. इसमें कई तरह के खरपतवार आ रहे है. इसमें सावा, जंगली कोदो, दूब घास, मोथा, और भंगरैया जैसे खरपतवार फसल को प्रभावित कर सकते हैं. कुछ चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार होते हैं, तो कुछ संकरी पत्ती वाले खरपतवार होते हैं. ये पौधे को मिलने वाले पोषक तत्व और पानी के लिए फसल से प्रतिस्पर्धा करते हैं. ऐसे में फसल की उपज पर असर पड़ सकता है.

अब जानिए किसानों को एक्सपर्ट की क्या है सलाहडॉक्टर उत्तम बिसेन बताते है कि खरपतवार के कारण 30 से 70 प्रतिशत तक फसल को नुकसान कर सकते हैं. अगर आपके पास साधन है, तो गर्मी के समय खेत में गहरी जुताई करनी चाहिए, जिससे बीज, कीट के लार्वा हो तो वह नष्ट हो सके.

खरपतवार से निपटने में ये विधियां है बेहतर
खरपतवार निकालने के लिए निंदाई की जा सकती है. अगर मजदूरों की उपलब्धता है, तो ये एक अच्छी विधि हो सकती है. इसके अलावा कोनोवीडर नाम के यंत्र का इस्तेमाल कर सकते हैं. वहीं, पेट्रोल से चलने वाले पावर वीडर का इस्तेमाल कर सकते हैं. इनका इस्तेमाल करने से फसल को फायदा मिल सकता है. इन विधियों से टिलर्स भी ज्यादा बनते हैं, जिससे उपज ज्यादा हो सकती है.

आखिरी रास्ता है रासायनिक दवाइयां
धान की रोपाई या डीएसआर पद्धति से खेती में भी प्री-इमरजंस खरपतवारनाशियों का इस्तेमाल कर सकते हैं. इनका इस्तेमाल फसल की बुआई के 72 घंटे की भीतर करना चाहिए, जिससे इसका असर ठीक से हो सके. वहीं, अब धान के बुआई में 20 से 25 दिन हो गए है, तो इसमें चौड़ी और सकरी पत्ती के लिए उपलब्ध खरपतवार नाशक का इस्तेमाल कर सकते हैं.

homeagriculture

धान की खेत से ex की तरह हटाएं अनवांटेड घांस, फसल का बाल भी नहीं होगा बांका!



Source link