स्व. दिनेशचंद्र गुप्ता मूल निवासी शाजापुर थे। 77 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।
शाजापुर के हरायपुरा निवासी डॉ. दिनेशचंद्र गुप्ता की मौत के उनके परिवार ने देहदान किया गया। शनिवार को वह जिले के पहले व्यक्ति बन गए हैं, जिनका संपूर्ण देहदान किया गया है। उनके बेटे हितेष गुप्ता ने अपने पिता की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए यह बड़ा फै
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मेडिकल स्टूडेंट्स के पढ़ाई और रिसर्च में आएगा काम
डॉ. गुप्ता का शुक्रवार शाम निधन हो गया था। उनका पार्थिव शरीर इंदौर के अरविंदो मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां यह मेडिकल स्टूडेंट्स के अध्ययन और शोध कार्य में काम आएगा।
उनके बेटे ने बताया कि तकरीबन आठ साल पहले उनकी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद से वे लगातार अस्वस्थ चल रहे थे। इस रक्षाबंधन पर उन्होंने बेटे से कहा था कि मरने के बाद शरीर को जलाने की बजाय किसी जरूरतमंद के काम आने देना।
देहदान की प्रक्रिया में उनकी पत्नी हंसा गुप्ता और बहू आयुषी गुप्ता भी साथ रहीं।
चोइथराम स्किन बैंक ने त्वचा दान की
इंदौर पहुंचने पर शंकरा आई बैंक ने नेत्रदान और चोइथराम स्किन बैंक ने त्वचा दान की प्रक्रिया पूरी की। बेटे हितेष ने कहा कि उन्हें देहदान की प्रक्रिया की जानकारी पहले नहीं थी। अब वे चाहते हैं कि लोगों में अंगदान और देहदान को लेकर जागरूकता फैले, ताकि और भी लोग इस नेक काम से जुड़ सकें।
एम्बुलेंस से पार्थिव देह इंदौर पहुंची
इस पूरे काम में मुस्कान ग्रुप के जीतू बगानी, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व डीन डॉ. संजय दीक्षित और केयर हॉस्पिटल की ऑर्गन डोनेशन कोऑर्डिनेटर मोनीषा बगानी ने सहयोग किया। रात 2 बजे एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई और शनिवार सुबह 8 बजे पार्थिव देह इंदौर पहुंची।