देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग विभाग आईईटी (इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) में 10 दिन में रैगिंग की दो घटनाएं हुईं। सीनियर छात्रों ने जूनियरों को धमकाते हुए पिटाई कर दी। पीड़ित छात्रों ने पहले संस्थान में ही गुहार लगाई लेकिन, मदद
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बीटेक थर्ड ईयर के पीड़ित छात्र ने थाने में आवेदन देकर बताया कि गुरुवार शाम वह कैंटीन में चाय पीने गया था। वहां फोर्थ ईयर के सीनियर को विश करते हुए गलती से गुड मॉर्निंग कह दिया। शाम को गुड मॉर्निंग विश करने पर सीनियर (आदर्श मकवाना और बिट्टू त्यागी) नाराज हो गए और उन्होंने तीन-चार साथियों के साथ मिलकर उससे मारपीट की।
19 अगस्त को हुई रैगिंग की जानकारी भी सामने आई है। आईईटी के हॉस्टल में रह रहे फर्स्ट ईयर के छात्र ने यूजीसी की एंटी रैगिंग कमेटी को शिकायत कर सीनियरों पर हॉस्टल और विभाग में रैगिंग लेने का आरोप लगाया। कहा कि सेकंड ईयर के सीनियरों ने हॉस्टल में आकर धमकाया।
उन्हें सिगरेट पीने और हर मुलाकात पर सिर नीचे कर विश करने के निर्देश दिए। यूजीसी से जांच के निर्देश मिलने पर विभाग ने आनन-फानन में जांच की और 6 सीनियर विद्यार्थियों को होस्टल से निष्कासित कर दिया।
दोनों मामले आपसी विवाद के
संस्थान में इस महीने हुई दोनों घटनाएं आपसी विवाद की हैं। फर्स्ट ईयर के छात्रों ने यूजीसी को रैगिंग की शिकायत की थी। हमने जांच करवाई जिसमें जूनियरों ने सीनियरों पर परिचय के लिए दबाव बनाने की बात कही थी। इसमें रैगिंग जैसी कोई बात नहीं है। फिर भी हमने सेकंड ईयर के 6 छात्रों को होस्टल से निष्कासित किया है। गुरुवार की घटना थर्ड और फोर्थ ईयर के बच्चों के बीच मारपीट की है। थर्ड ईयर के छात्र ने लिखित में रैगिंग का आवेदन दिया लेकिन, इतने सीनियर छात्रों की रैगिंग नहीं हो सकती। हम मारपीट की घटना की जांच करवा रहे हैं। – प्रतोष बंसल, डायरेक्टर, आईईटी
^ रैगिंग को पूरी तरह से रोकने के लिए यूनिवर्सिटी में जीरो टॉलरेंस पॉलिसी लागू है। दोनों मामले प्रोक्टोरियल बोर्ड में रखे जा रहे हैं। शुरुआती जांच में हमें आपसी विवाद की जानकारी मिली है। फिर भी गंभीरता से जांच करवा रहे हैं। आपसी विवाद में भी ऐसी घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं। हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। – डॉ. राकेश सिंघई, कुलपति, डीएवीवी