First of three reports, which shows that the teacher’s height is the highest, here Dr. Gaur is worshiped like God. | सबसे पहले तीन खबरें, जो बताती है शिक्षक का कद सबसे ऊंचा, यहां भगवान की तरह पूजे जाते डॉ. गौर

First of three reports, which shows that the teacher’s height is the highest, here Dr. Gaur is worshiped like God. | सबसे पहले तीन खबरें, जो बताती है शिक्षक का कद सबसे ऊंचा, यहां भगवान की तरह पूजे जाते डॉ. गौर


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सागर20 मिनट पहले

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डॉ. गौर का मंदिर

  • विवि में 5 साल पहले बना था डॉ.गौर का मंदिर, नियमित होती है पूजा-अर्चना

सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ.हरीसिंह गौर का विवि परिसर में मंदिर है। 26 नवंबर 2015 को डॉ.गौर की 146वीं जयंती पर यहां उनकी मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की थी। प्राण-प्रतिष्ठा के यजमान रहे गढ़ाकोटा कॉलेज के प्राचार्य डॉ.एसएम पचौरी ने बताया मंदिर विवि के कर्मचारियों ने बनवाया था। वर्तमान में कोरोना काल के चलते शिक्षक दिवस पर कोई कार्यक्रम यहां नहीं होगा।

शिक्षिका सरोज को मिला राज्यपाल सम्मान
सागर |
शिक्षा में नवाचार और विद्यार्थियों को नाटक के जरिए जटिल अवधारणाएं समझाने वाली सागर विकासखंड के शासकीय माध्यमिक स्कूल घाटमपुर की शिक्षिका सरोज प्रजापति को राज्यपाल पुरस्कार के लिए चयनित किया है। यह पुरस्कार उत्कृष्ट कार्य करने पर प्रदेश के शिक्षकों को 5 सितंबर को दिया जाना था। हालांकि इस साल कोविड-19 के प्रकोप के कारण सम्मान समारोह जिला मुख्यालय पर आयोजित किया जा रहा था लेकिन पिछले दिनों पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के निधन के कारण देश में राष्ट्रीय शोक चल रहा है। इस कारण यह समारोह फिलहाल स्थगित कर दिया है। प्रशासन सम्मान समरोह के लिए नई तारीख जारी करेगा। इसके बाद शिक्षिका सरोज को ये सम्मान दिया जाएगा।

सेवानिवृत्त शिक्षक से मांग रहे थे रिश्वत कलेक्टर ने तत्काल बिल पास करा दिए
सागर | शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर रिटायर शिक्षक को न्याय मिलने का मामला सामने आया है। दरअसल शुक्रवार को शिक्षक ने कलेक्टर से ट्रेजरी के कर्मचारियों द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत वॉट्सएप पर की, जिसके बाद कलेक्टर दीपक सिंह ने तत्काल शिक्षक की रुकी हुई राशि का लाभ दिलाया और रिश्वत मांगने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध जांच कराने के निर्देश दिए। मामला केसली के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से रिटायर प्राचार्य कैलाश प्रसाद बड़गैयां का है। ये 30 सितंबर 2019 को सेवानिवृत्त हुए थे लेकिन इनके अर्जित अवकाश के बिल एक साल बाद भी पास नहीं किए।

ऐसे में शिक्षक दिवस के एक दिन पहले 4 सितंबर को बड़गैयां ने मामले की शिकायत कलेक्टर से करते हुए कहा मैंने जीवनभर ईमानदारी से नौकरी की। बच्चों को ईमानदारी का पाठ पढ़ाया और अब मैं रिटायरमेंट के बाद बीईओ कार्यालय में अपने अर्जित अवकाश और पेंशन भुगतान की राशि मांगने जाता हूं तो मुझसे ट्रेजरी में 15 हजार रुपए रिश्वत देने को कहा जाता है। रिश्वत न देने पर आपत्ति लगाने की धमकी देते हैं।

मैं रिश्वत नहीं दे सकता, इसलिए आप ही मेरी समस्या का निराकरण करें। मामले की शिकायत वॉट्सएप मिलते ही कलेक्टर दीपक सिंह ने रिटायर शिक्षक के बिल बाउचर पास कराए और 9 लाख रुपए का भुगतान कर उन्हें न्याय दिलाया। शिक्षक ने कहा- यह एक शिक्षक के प्रति जिला प्रशासन का सम्मान है, इससे मैं अभिभूत हूं।

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