350 साल पुराना चमत्कारी मंदिर, जहां खुद गायों को चारा डालने पहुंचे भगवान कृष्ण, लीला जान हो जाएंगे हैरान

350 साल पुराना चमत्कारी मंदिर, जहां खुद गायों को चारा डालने पहुंचे भगवान कृष्ण, लीला जान हो जाएंगे हैरान


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Sagar Gupt Vrindavan: कथावाचक इंद्रेश जी उपाध्याय द्वारा सुनाई गई इस कथा के अनुसार, एक बार जब पुजारी गायों को चारा नहीं दे पाए, तो भगवान बिहारी जी स्वयं गौशाला पहुंचे और गायों को सानी तैयार कर खिलाई.

सागर गुप्त वृंदावन. सागर गुप्त वृंदावन में बिहारी जी का 350 साल पुराना अद्भुत मंदिर है माना जाता है कि यहां पर बिहारी जी साक्षात विराजमान है और कई दफा लोगों को अलग-अलग मौके पर इसके प्रमाण भी मिले हैं. ऐसे ही पुजारी के व्यस्त होने पर गायों को चारा खिलाने भगवान खुद एक बार गौशाला में पहुंच गए थे. इसका अद्भुत प्रसंग वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश जी उपाध्याय के द्वारा अपनी एक कथा में सुनाया गया जो सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है. सागर के लोगों के द्वारा इसे जमकर शेयर किया जा रहा है हर किसी की प्रोफाइल पर बस यही वीडियो छाया हुआ है.इंद्रेश जी उपाध्याय के द्वारा सुनाया गया यह प्रसंग अधिकांश लोगों ने पहली बार ही सुना है जो एक नई जानकारी जैसा भी है इसी के चलते इसे खूब पसंद किया जा रहा है.

भूखी गायों को चारा डालने गौशाला पहुंचे बिहारी जी 
इस कथा के अनुसार महाराज जी बता रहे हैं कि सागर में प्रसिद्ध बिहारी जी का मंदिर है. इसलिए वहां पर एक छोटी सी गौशाला भी है . एक बार जब पुजारी जी किसी काम में व्यस्त हो गए होंगे, तब भी समय से गायों को सानी (भूसा में हरा चारा और आटा पानी छिड़ककर अच्छे से मिक्स करते) डालने के लिए नहीं पहुंच पाए, तब बिहारी जी खुद ही मंदिर से निकले और गौशाला में पहुंच गए. वहां पर उन्होंने गायों के लिए अच्छे से चार मिलकर भूसा को तैयार कर रहे थे कि इतने में पुजारी भी मंदिर आ गए. जैसे ही पुजारी के आने की आवाज भगवान को आई, तो वह वापस दौड़कर मंदिर में अपने स्थान पर पहुंच गए और फिर अपने इस अंदाज में बांसुरी लेकर खड़े हो गए, लेकिन पुजारी जी ने देखा कि भूसा गौशाला से लेकर मंदिर तक डला हुआ है. यहां तक की गर्भ ग्रह में है और भगवान के हाथ भी भूसा से छपे हुए हैं. यह देखते ही पुजारी की आंखों में आंसू आ गए और कहने लगे भगवान आज हम लेट हो गए, तो आप खुद ही भूसा डालने के लिए पहुंच गए.

यहां अपनी मर्जी से रुके हैं बिहारी जी सरकार
बता दें कि सागर के बाद बाजार इलाके को गुप्त वृंदावन कहा जाता है, क्योंकि यहां पर वृंदावन की तरह ही छोटी-छोटी पतली पतली गलियां है और इन गलियों में भगवान श्री कृष्ण के अनेक रूपों में ऐतिहासिक प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर स्थित है, जिनकी अपनी अपनी महिमा है इनमें सबसे पुराना मंदिर बिहारी जी का ही है और कहा जाता है कि बिहारी जी यहां खुद अपनी मर्जी से रुके हुए हैं. इस क्षेत्र में आने पर एक अलग तरह की ही अनुभूति होती है. यहां भगवान श्री कृष्ण से जुड़े हर त्यौहार को वृंदावन की तरह ही हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता है.

Anuj Singh

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked a…और पढ़ें

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350 साल पुराना चमत्कारी मंदिर, जहां खुद गायों को चारा डालने पहुंचे भगवान कृष्ण



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