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नीता अंबानी के स्वामित्व वाली ओवल इनविंसिबल्स की, जिन्होंने लगातार तीसरी बार द हंड्रेड टूर्नामेंट का खिताब जीत कर इतिहास रच दिया. ओवल इनविंसिबल्स की यह जीत सिर्फ खिलाड़ियों की मेहनत नहीं, बल्कि एक विजन की सफलता…और पढ़ें
इंग्लैंड में नीता अंबानी की टीम की धूम, हंड्रेड टूर्नामेंट में लगाई खिताब जीतने की हैट्रिक हम बात कर रहे हैं नीता अंबानी के स्वामित्व वाली ओवल इनविंसिबल्स की, जिन्होंने लगातार तीसरी बार द हंड्रेड टूर्नामेंट का खिताब जीत कर इतिहास रच दिया. ओवल इनविंसिबल्स की यह जीत सिर्फ खिलाड़ियों की मेहनत नहीं, बल्कि एक विजन की सफलता भी है एक ऐसा विजन जिसे नीता अंबानी ने क्रिकेट में पेश किया. उनके नेतृत्व में यह फ्रैंचाइज़ी केवल खेल नहीं खेलती, वह क्रिकेट को फिर से परिभाषित करती है.
हंड्रेड में ओवल टीम को लगातार सफलता मिलने के पीछे नीता अंबानी की दूरदर्शिता का बड़ा रोल रहा है. तीनों वर्षों में, टीम ने खिलाड़ियों का शानदार रोटेशन किया, नए टैलेंट्स को मौका दिया और कभी अपने मूल मंत्र आक्रामक लेकिन संयमित खेल से समझौता नहीं किया. नीता अंबानी, जिनका विज़न हमेशा दीर्घकालिक रहता है, इस टीम की असली ‘बैकबोन’ हैं। उन्होंने टीम में: खिलाड़ियों की मेंटल फिटनेस को प्राथमिकता दी,डेटा‑ड्रिवन एनालिसिस का उपयोग किया,महिला क्रिकेट में भी समान निवेश सुनिश्चित किया. उनके प्रयासों से फ्रैंचाइज़ी केवल एक टीम नहीं रही वह एक संस्कृति बन गई है. तभी टीम लगातार तीन साल से खिताब जीत रही है. 2023: पहला खिताब, नर्वस शुरुआत लेकिन फिनिश फायर जैसा था2024: खिताब की रक्षा करके यह साबित किया कि वे केवल एक “वन‑सीजन वंडर” नहीं हैं. 2025: दबाव के बीच निरंतरता, और वह भी बेंच स्ट्रेंथ के साथ यही है एक चैंपियन की पहचान.
इस साल नीता अंबानी की टीम ने टूर्नामेंट में अपने हर मुकाबले में एक पैटर्न पेश किया दमदार शुरुआत, रणनीतिक गेंदबाज़ी, और अंत में विरोधियों पर मानसिक पकड़. 31 अगस्त, 2025 लॉर्ड्स का मैदान खचाखच भरा था. सामने थीं दो ज़बरदस्त टीमें ओवल इनविंसिबल्स और ट्रेंट रॉकेट्स. लेकिन जैसे ही ओपनर विल जैक्स ने 41 गेंदों में 72 रनों की तूफानी पारी खेली, दर्शकों को आभास हो गया कि यह मुकाबला इतिहास लिखेगा.ओवल इनविंसिबल्स ने 100 गेंदों पर 168/5 का स्कोर खड़ा किया .जिसमें जैक्स और कॉक्स की 87 रनों की साझेदारी की. जॉर्डन कॉक्स ने 28 गेंदों में 40 रन बपनाए. जवाब में रॉकेट्स की टीम 142/8 बना सकी और मैच हार गई.
तीन साल, तीन ट्रॉफियाँ, और हर ट्रॉफी एक नई कहानी. नीता अंबानी और उनकी टीम ने साबित कर दिया है कि जब खेल में नेतृत्व, रणनीति और जुनून एक साथ हों तो जीत कोई इत्तेफाक नहीं होती, वह परंपरा बन जाती है.