In Raisen, members of the Fort Club climb a 1500-foot-high fort hill every day to keep their health in check. | रायसेन में फोर्ट क्लब के सदस्य रोजाना 1500 फीट ऊंची किले की पहाड़ी चढ़ते हैं, ताकि सेहत ठीक रहे

In Raisen, members of the Fort Club climb a 1500-foot-high fort hill every day to keep their health in check. | रायसेन में फोर्ट क्लब के सदस्य रोजाना 1500 फीट ऊंची किले की पहाड़ी चढ़ते हैं, ताकि सेहत ठीक रहे


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भोपाल3 घंटे पहले

रायसेन में फोर्ट क्लब के सदस्य हर रोज रायसेन किले की चढ़ाई करते हैं ताकि सेहत दुरुस्त रहे।

  • तीन साल से निरंतर मॉर्निंग वॉक के लिए 20 साल से 65 साल तक वृद्ध पहुंचते हैं किले पर

सेहत को तंदुरूस्त रखने के लिए फोर्ट क्लब के सदस्य रोजाना 1500 फीट ऊंची किले की पहाड़ी पर चढ़ाई करते हैं। यहां पर यह लोग योग और व्यायाम करते हैं, साथ ही प्राकृतिक वातावरण का आनंद उठाते हैं। फोर्ट क्लब का गठन तीन साल पहले हुआ था, तब से लेकर अब तक क्लब के सदस्य रोजाना किले की पहाड़ी पर आ रहे है। कोरोना कॉल के कारण जरूर कुछ सदस्यों ने आना बंद कर दिया है। पहले करीब 40 से 50 सदस्य सुबह के समय मॉर्निंगवाक के लिए किले की पहाड़ी पर आते थे, लेकिन अभी भी 15 से 20 सदस्य नियमित रुप से किले की पहाड़ी पर पहुंच रहे हैं।

रायसेन किले में फोर्ट क्लब के सदस्य रोजाना कसरत करने पहुंचते हैं।

60 साल से ज्यादा उम्र है फिर भी दौड़कर चढ़ जाते हैं किले पर

किले की पहाड़ी पर 300 से अधिक सीढिय़ां हैं। इसके अलावा किले पर पहुंचने का वाहन मार्ग भी है, जिसकी चढ़ाई काफी सीधी है। इन दोनों ही स्थानों से फोर्ट क्लब के सदस्य नियमित रुप से चढ़ाई करते हैं। क्लब के जो सदस्य हैं, उनकी उम्र 20 साल से लेकर 65 साल के बीच है। 60 साल से ज्यादा की उम्र होने के बाद भी यह लोग 10 से 15 मिनिट में किले की पहाड़ी पर बिना रुके चढ़ जाते है । इसका कारण रोजाना किले की पहाड़ी पर चढ़ाई करना है।

किले से आसपास की हरियाली देखने लायक है।

किले से आसपास की हरियाली देखने लायक है।

प्राकृतिक वातावरण के साथ मिलती है शुद्ध हवा

किले की पहाड़ी पर मॉर्निंगवाक के लिए आने वाले सेवा निवृत नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एसी अग्रवाल का कहना है कि रायसेन का किला हमारी धरोहर है। तीन साल से नियमित रूप से वे मॉर्निंगवाक के लिए यहां पर आ रहे हैं, यहां पर शुद्ध हवा तो मिलती है, साथ ही प्राकृतिक वातावरण के बीच मन को सुकून भी मिलता है। यहां पर क्लब के सदस्य रोजाना योग और व्यायाम भी करते हैं, जिससे शरीर को स्वस्थ और तरोताजा रहने में काफी मदद मिलती है। ऐसा ही कहना क्लब के सदस्य प्रमोद शुक्ला, प्रवीण मिश्रा और राकेश जैन का है। तीन साल से क्लब के सदस्य रोजाना आ रहे है। इसी का परिणाम है कि सदस्यों को किले की पहाड़ी की चढ़ाई करने से कई प्रकार की बीमारियों से मुक्ति मिल गई गई है।

क्लब के सदस्य यहां पर एक्सरसाइज करते हैं और मॉर्निंगवाक का पूरा आनंद उठाते हैं।

क्लब के सदस्य यहां पर एक्सरसाइज करते हैं और मॉर्निंगवाक का पूरा आनंद उठाते हैं।

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