Last Updated:
Fish Farming Tips: अगर आपकी मछली पालन में रुचि है तो एक बार ये ब्रीड ट्राई कीजिए. इस मछली के पालन से आप साल में तीन बार बिक्री कर सकते हैं और बढ़िया कमाई कर सकते हैं. जानें कैसे…
पंगेसियस मछली पालन क्यों है फायदेमंद?
पंगेसियस मछली की खासियत ये कि यह तेजी से बढ़ती है और बाजार में इसकी लगातार मांग बनी रहती है. इस मछली को तालाब या कृत्रिम टैंक में आसानी से पाला जा सकता है. अन्य मछलियों की तुलना में इसकी ग्रोथ रेट तेज होती है और यही कारण है कि किसान इसे एक से अधिक बार साल में बेचकर लाभ कमा सकते हैं.
मछली पालक नंदकिशोर पटेल ने बताया कि उन्होंने पारंपरिक तरीके से खेती और नौकरी दोनों छोड़ दी और अब पूरी तरह पंगेसियस मछली पालन पर ध्यान दे रहे हैं. पहले वे सामान्य तरीके से पालन करते थे, जिससे केवल साल में एक बार ही आय होती थी. लेकिन, बाद में उन्होंने हाई डेंसिटी फार्मिंग और साइकिल सिस्टम अपनाया. फार्म को तीन हिस्सों में बांटा A, B, C. प्रत्येक हिस्से में 80-80 दिन की अलग-अलग साइकिल रखी. यानी जब A तालाब से मछली बेच दी जाती है तब उसी समय उसमें नई स्टॉकिंग कर दी जाती है. इसी तरह 80 दिन बाद B की मछली का सौदा किया जाता है और फिर C से. इस तरह हर 80 दिन में लगातार उत्पादन और बिक्री होती रहती है.
साला आया 80 लाख तक
इस तकनीक से हर साइकिल में लगभग 20,000 मछली बच्चे (फिंगरलिंग) डाले जाते हैं. 7 महीने के भीतर ये मछलियां बाजार में बिकने लायक हो जाती हैं. एक बार में लगभग 20 टन तक मछली निकल जाती है. किसान बताते हैं कि इस तरीके से उनकी सालाना आय 70 से 80 लाख रुपये तक पहुंच गई है. सिर्फ इतना ही नहीं, नंदकिशोर पटेल ने सीड (मत्स्य बीज उत्पादन) का काम भी शुरू कर दिया है. इससे उन्हें हर महीने लगभग आधा करोड़ से अधिक का व्यापार हो जाता है. उनके साथ किसानों का एक बड़ा समूह जुड़ चुका है, जिससे बाजार की आपूर्ति और मांग दोनों का संतुलन बना रहता है.
इस मछली को पालने के फायदे
कम लागत और ज्यादा मुनाफा: तालाब तैयार होने के बाद ज्यादा निवेश नहीं करना पड़ता.
तेजी से उत्पादन: पंगेसियस मछली केवल 7-8 महीने में तैयार हो जाती है.
लगातार कमाई: साइकिल सिस्टम अपनाने से साल में 3 बार बिक्री संभव.
रोजगार सृजन: एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि कई किसान समूह मिलकर काम कर सकते हैं.
बाजार में बढ़ती मांग: मछली का उपयोग देश और विदेश दोनों जगह लगातार बढ़ रहा है.