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Sagar Weather Update: सागर में मंगलवार को जिले के अलग-अलग हिस्सों में दो इंच तक बारिश रिकार्ड की गई वहीं मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे मैं बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जिसमें 4 इंच तक बारिश होने की संभावना है.
रहली में दो इंच से अधिक तो जैसीनगर सागर माल्थोन में एक इंच, केसली देवरी में आधा इंच बारिश दर्ज की गई. हालांकि रुक-रुक कर बारिश होने की वजह से उमस भी बेचैन करती है लेकिन बारिश की हल्की बौछार राहत देती है. जिले में अब तक 41 इंच बारिश हो चुकी है.

सितंबर में दक्षिण पश्चिम मानसून कमजोर पड़ेगा. यह 15 सितंबर तक सक्रिय रहता है इसके बाद लगातार धीरे-धीरे इसकी सक्रियता में कमी आएगी. हालांकि कम दबाव के क्षेत्र बनने व उनका असर मध्यप्रदेश तक होने पर बारिश होती रहेगी.

इस महीने बादल छंटने व धूप तेज होने के कारण दिन में उमस का सामना करना पड़ेगा. रात का तापमान धीरे-धीरे कम होने लगेगा. इससे रात की गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी.

सामान्य तौर पर सितंबर में भारी वर्षा की स्थिति तब बनती है, जब बंगाल की खाड़ी में निर्मित कम दबाव का क्षेत्र ओडिशा तट को पार करते हुए पश्चिमी तथा उत्तर-पश्चिमी दिशा में बढ़ता हुआ मध्यप्रदेश की ओर आता है. इन परिस्थितियों में सागर तथा आसपास के क्षेत्र में भारी वर्षा होती है. ऐसी ही परिस्थितियां फिलहाल बंगाल की खाड़ी में बनी हैं.

एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. अगले कुछ दिनों में एक और कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. यह ओडिशा तट की ओर बढ़ेंगे. इस कारण सितंबर के पहले सप्ताह में बारिश की गतिविधियां चलती रहेंगी.

इन कम दबाव के क्षेत्रों का असर कम होने और इनके निष्क्रिय होने पर बारिश कम हो जाएगी. इसके बाद धीरे-धीरे मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी. नए कम दबाव के क्षेत्र नहीं बने तो 15 सितंबर के बाद मौसम साफ होने लगेगा.

हल्की हवाएं और बढ़ती हुई धूप के कारण मौसम अधिक उमस भरा रहेगा. मौसम साफ होने के कारण ज्यादा धूप आएगी. मौसम में नमी होने के कारण उमस बढ़ेगी. धूप निकलने के साथ ही उमस बढ़ती जाएगी. यह दिनभर रहेगी, शाम के समय ही राहत मिलेगी.

हवा के कारण रात में उमस कम होगी. धीरे-धीरे ठंडक बढ़ती जाएगी. सितंबर अंत तक सुबह-शाम हल्की ठंडक महसूस होने लगेगी. गुलाबी ठंड का दौर शुरू होने की उम्मीद की जा सकती है.