फिर विवादों का अखाड़ा बना DDCA, पूर्व सचिव और मौजूदा सचिव आमने-सामने

फिर विवादों का अखाड़ा बना DDCA, पूर्व सचिव और मौजूदा सचिव आमने-सामने


नई दिल्ली: दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के पूर्व सचिव विनोद तिहाड़ा ने राज्य इकाई की शीर्ष परिषद के सदस्यों को पत्र लिखकर मौजूदा सचिव अशोक शर्मा को हटाने का आग्रह किया है. तिहाड़ा ने दावा किया है कि न्यायमूर्ति लोढ़ा समिति द्वारा तैयार भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के संविधान के अनुसार उन्होंने अपने कार्यकाल के नौ साल पूरे कर लिए हैं.

हालांकि अशोक शर्मा ने तिहाड़ा के दावों का पुरजोर खंडन करते हुए कहा कि पूर्व सचिव ‘गलत तकनीकी बातों’ से सभी को भ्रमित कर रहे हैं.

बीसीसीआई संविधान के अनुसार (जब तक राष्ट्रीय खेल अधिनियम लागू नहीं हो जाता) कोई भी व्यक्ति कुल 18 साल तक पद पर रह सकता है – नौ साल राज्य संघ में और नौ साल बीसीसीआई में. एक बार में कोई व्यक्ति तीन साल के अनिवार्य ब्रेक से पहले छह साल (राज्य और बीसीसीआई दोनों में मिलाकर या किसी एक में) तक पद पर रह सकता है.

तिहाड़ा ने अपने पत्र में एक निर्वाचन सदस्य प्रवीण अरोड़ा द्वारा दर्ज की गई शिकायत का भी उल्लेख किया है. तिहाड़ा ने पत्र में लिखा:

हमारे एक सम्मानित सदस्य प्रवीण कुमार अरोड़ा (एलएम000878) ने दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ और संपूर्ण शीर्ष परिषद को अशोक शर्मा के कार्यकाल की सीमाओं के संबंध में पत्र लिखा था और संघ से माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों और डीडीसीए के संविधान दस्तावेजों के अनुसार उचित कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया था. हमारे सम्मानित संगठन के पूर्व सचिव के रूप में मैं आपके कार्यालय से आग्रह करता हूं कि आप इसका संज्ञान लें और बिना किसी और देरी के उचित और तत्काल कार्रवाई करें। इस संबंध में मेरा पत्र आपकी तत्काल और आवश्यक कार्रवाई के लिए संलग्न है.

तिहाड़ा ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि अशोक शर्मा के दो कार्यकाल 3288 दिन के हैं जो लगभग नौ वर्ष हैं. अपने पहले कार्यकाल में अशोक शर्मा 21 दिसंबर 2012 से 30 जनवरी 2017 तक शीर्ष परिषद के सदस्य थे. उनका दूसरा कार्यकाल 10 नवंबर 2020 को शुरू हुआ और वह 30 सितंबर 2025 तक राज्य निकाय में नौ साल पूरे करेंगे.

अपने कार्यकाल के दौरान विवादों में भी रहे तिहाड़ा ने उदाहरण के तौर पर रोजर बिन्नी को बीसीसीआई अध्यक्ष पद से हटाए जाने और उत्तराखंड क्रिकेट संघ के माहिम वर्मा के ब्रेक पर जाने का हवाला दिया.

हालांकि जब अशोक शर्मा से पीटीआई ने संपर्क किया तो उन्होंने कहा, ‘तिहाड़ा सभी को गुमराह कर रहे हैं. डीडीसीए के संविधान में निदेशकों और पदाधिकारियों के लिए अलग-अलग खंड हैं. मैं सिर्फ सात महीने से ही पदाधिकारी हूं और मेरी उम्र 66 साल है.

उन्होंने कहा, ‘तो लोढ़ा संविधान के अनुसार भी मैं पात्र हूं. तिहाड़ा ने मेरे निदेशक के कार्यकाल को मेरे सचिव पद के साथ जोड़ दिया है. अगर सब कुछ गिना जाए तो आईपीएल अध्यक्ष और अब उपाध्यक्ष होने के अलावा कई समितियों में कई साल बिताने वाले राजीव शुक्ला अब भी पद पर कैसे बने हुए हैं?’



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