इंदौर के एमवाय-अस्पताल में दो नवजातों की मौत का मामला: मौतों पर कलेक्टर से भी झूठ कहा, बिना पीएम रिपोर्ट हृदय रोग बताया – Indore News

इंदौर के एमवाय-अस्पताल में दो नवजातों की मौत का मामला:  मौतों पर कलेक्टर से भी झूठ कहा, बिना पीएम रिपोर्ट हृदय रोग बताया – Indore News



इंदौर के एमवाय अस्पताल के एनआईसीयू में दो नवजातों की मौत ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार को अस्पताल के प्रबंधन का एक और झूठ सामने आया। बुधवार शाम को कलेक्टर आशीष सिंह के निरीक्षण के दौरान अस्पताल अधीक्षक अधीक्ष

.

सच यह था कि पोस्टमार्टम गुरुवार को किया गया। इसकी रिपोर्ट में सामने आया कि बच्ची की एक नहीं, बल्कि तीन अंगुलियां चूहों ने पूरी तरह काट दी थीं। रिपोर्ट उसी दिन थाना संयोगितागंज के एमवायएच चौकी भेजी थी।

इस बीच, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त तरुण राठी ने गुरुवार को जांच दल के साथ अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने पेस्ट कंट्रोल एजेंसी च अस्पताल स्टाफ के दस्तावेज देखे। इस दाैरान उन्होंने पीडियाट्रिक सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ. ब्रजेश लाहोटी, डॉ. मनोज जोशी समेत अन्य के बयान लिए।

बाल आयोग ने कलेक्टर से 3 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट : राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इंदौर कलेक्टर को इस मामले की जांच कर 3 दिनों के भीतर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।

चूहों की चहलकदमी जारी : आयुक्त जब दूसरी मंजिल पर अस्पताल का निरीक्षण कर रहे थे उसी समय पूरे कॉरिडोर में चूहे खे गए। इस परी सफाई कर्मचारी उन्हें पकड़ने पहुंचे। वार्डों के बाहर भी कुर्सियों पर काकरोच थे।

इधर, राहुल गांधी ने कहा- यह दुर्घटना नहीं, सीधी-सीधी हत्या ^दो नवजात शिशुओं की चूहों के काटने से मौत। यह दुर्घटना नहीं, सीधी-सीधी हत्या है। यह घटना इतनी भयावह, अमानवीय और असंवेदनशील है कि इसे सुनकर भी रूह कांप जाए। एक मां की गोद से उसका बच्चा छिन गया, सिर्फ इसलिए क्योंकि सरकार ने सबसे बुनियादी जिम्मेदारी नहीं निभाई। हेल्थ सेक्टर को जानबूझकर प्राइवेट हाथों में सौंपा गया- जहां इलाज अब सिर्फ अमीरों के लिए रह गया है और गरीबों के लिए सरकारी अस्पताल अब जीवनदायी नहीं, मौत के अड्डे बन चुके हैं।’ -राहुल गांधी, सोशल मीडिया पर लिखा



Source link