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Rabi Season Crops: रबी सीजन में बंपर पैदावार का सपना पूरा करना है तो सितंबर से ही नर्सरी तैयार करना शुरू कर दें. कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक सही जगह, बीज ट्रीटमेंट और वैज्ञानिक तरीकों से की गई नर्सरी से किसान अच…और पढ़ें
नर्सरी के लिए सही जगह का चुनाव है ज़रूरी
लोकल 18 से बात करते हुए आरएचईओ मीनाक्षी वर्मा ने बताया कि सबसे पहले नर्सरी के लिए जगह का चयन बेहद अहम है. ऐसी जगह चुनी जानी चाहिए जहां पर्याप्त धूप आती हो, वेंटिलेशन अच्छा हो और पानी का भराव न होता हो. नर्सरी को ज़मीन के लेवल पर लगाने की बजाय हल्की ऊँचाई पर तैयार करना बेहतर होता है. मिट्टी को भुरभुरी बनाकर उसमें सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाना पौधों की शुरुआती ग्रोथ के लिए लाभदायक साबित होता है.
उन्होंने बताया कि नर्सरी बेड का ट्रीटमेंट बाविस्टिन जैसे फफूंदनाशी से करना चाहिए. यह उपचार न केवल मिट्टी में मौजूद हानिकारक फफूंद को खत्म करता है बल्कि अन्य उर्वरक, कीटनाशक और फसल टॉनिक के साथ भी सुरक्षित रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है. बीज बोने से पहले सीड ट्रीटमेंट बेहद अहम है। इसके लिए कैप्टान या थीराम का प्रयोग करने से बीज सुरक्षित रहते हैं और अंकुरण दर भी बेहतर होती है.
वैज्ञानिक पद्धति से खेती में होगा मुनाफा
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीकों से की गई खेती हमेशा ज्यादा मुनाफा दिलाती है. नर्सरी को रो-वाइज लगाने से पौधों को पर्याप्त जगह मिलती है और बैक्टीरिया व वायरस संक्रमण का खतरा भी कम हो जाता है. पौधों को कीटों से बचाने के लिए नर्सरी पर नेट का इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर किसानों के पास नेट उपलब्ध नहीं है तो वे घर में पुरानी पड़ी मच्छरदानी का भी उपयोग कर सकते हैं.
Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
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