दतिया जिले के सेवड़ा कस्बे से गुजरने वाला सिंध नदी का छोटा पुल इस मानसून में आठवीं बार पानी में डूब गया है। इसके चलते सेवड़ा का ग्वालियर, भिंड और दतिया मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया है। साथ ही आसपास के करीब दो दर्जन गांवों का आवागमन भी पूरी तरह से
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व्यापार और परिवहन पर भारी असर
पुल डूबने से बसें बंद हो गई हैं और गांवों से सेवड़ा आने-जाने का रास्ता भी रुक गया है। बस संचालक भूपेंद्र राणा ने बताया कि साल 2021 की बाढ़ में सिंध नदी का बड़ा पुल टूट गया था। तब से ही यातायात का सारा दबाव करीब 140 साल पुराने छोटे पुल पर आ गया है।
अब जब यह पुल बार-बार डूब रहा है, तो न तो बसें चल पा रही हैं, न ही ग्रामीण सेवड़ा तक पहुंच पा रहे हैं। इससे ग्रामीणों के रोजमर्रा के काम और खरीदारी में बड़ी दिक्कतें आ रही हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि ग्रामीणों के न आने से बाजार में ग्राहकों की कमी हो गई है और व्यापार ठप हो रहा है।
डैम से छोड़े गए पानी ने बढ़ाया संकट
तहसीलदार दीपक यादव ने जानकारी दी कि ऊपरी इलाकों में हो रही भारी बारिश के कारण डैम लगातार भरते जा रहे हैं। शिवपुरी के मणिखेड़ा डैम से छोड़े गए 4000 क्यूमैक्स पानी की वजह से सिंध नदी का जलस्तर अचानक तेज़ी से बढ़ गया।
इसके चलते सेवड़ा का सनकुआ घाट मंदिर और छोटा पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया है। प्रशासन ने हालात को गंभीर मानते हुए नदी किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने के लिए अलर्ट पर रखा है।
प्रशासन ने की सावधानी बरतने की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे न जाएं और पुल पर किसी भी तरह की आवाजाही न करें। फिलहाल छोटे पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। हालात सामान्य होने तक इस मार्ग से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।