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- Bhopal Coronavirus Cases Numbers Today Updates | 234 People Found Infected Today As Cases Increased To 12840 Thousand In Madhya Pradesh Bhopal City
भोपाल36 मिनट पहले
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भोपाल में अब कोरोना की सैंपलिंग के लिए हर व्यक्ति को फीवर क्लीनिक जाना पड़ेगा। फील्ड सैंपलिंग को बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
- अगस्त के मुकाबले सितंबर में कोरोना की रफ्तार 30 फीसदी ज्यादा
- 24 घंटे में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष के पिता समेत 3 की मौत
राजधानी भोपाल अनलॉक 4 लागू होने के बाद सभी तरह की बंदिशें हटा ली गई हैं। रविवार का लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू भी समाप्त कर दिया गया है। सब खुलने के बाद अब भोपाल में कोरोना की रफ्तार में भी तेजी आ गई है। बीते हफ्ते भर से हर रोज 200 से अधिक नए केस सामने आ रहे हैं।
सोमवार को कोरोना के 234 नए मामले सामने आए, वहीं 24 घंटे में संक्रमण से मरने वालों की संख्या 3 हो गई है। आज सुबह भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष के पिता की कोरोना से मौत हो गई है। राजधानी में अब तक 12840 लोग संक्रमित हो चुके हैं, वहीं संक्रमण से मरने की संख्या 318 हो गई है।
भोपाल में कोरोना की रफ्तार को ऐसे समझ सकते हैं कि सितंबर के सात दिनों में हर रोज 200 से ज्यादा केस दर्ज किए जा रहे हैं। एक सितंबर को 199 केस, दो सितंबर को 209, , तीन को 253, चार को 182, पांच को 229, छह सितंबर 220 और सोमवार यानि 7 सितंबर को 234 केस मिले हैं। इन सात दिनों में 24 लोगों की मौत हुई है।
फील्ड सैंपलिंग बंद, अब फीवर क्लीनिक में लिए जाएंगे सैंपल
इधर, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने फील्ड सैंपलिंग बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। सोमवार को दो बजे जिला अस्पताल में हुई बैठक में सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने ये निर्देश सभी टीम प्रभारियों को मौखिक रूप से निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब लोगों को फीवर क्लीनिक आकर टेस्ट कराना होगा। शहर की आठ राजस्व क्षेत्रों में 59 फीवर क्लीनिक हैं, जहां पर जाकर लोग टेस्ट करा सकेंगे। फील्ड में काम करने वाली टीमों की ड्यूटी फीवर क्लीनिक में लगाई गई है।

सोमवार से राजधानी में सीरो सर्वे शुरू हो गया है, इसके जरिए ये लोगों के इम्युनिटी लेवल की जांच की जाएगी। ये एक एंटीबॉडी टेस्ट है।
सरकारी विभागों में कोरोना: मंत्रालय, सतपुड़ा व विंध्याचल में 250 संक्रमित
भोपाल में सरकारी विभाग बुरी तरह से कोरोना की चपेट में हैं। यहां पर मंत्रालय, विंध्याचल और सतपुड़ा भवनों में कोरोना की मार से कर्मचारी परेशान हैं। जब से दफ्तर खुले हैं, तब से 250 से ज्यादा कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं और तीन की मौत हो चुकी है। अभी भी संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि विभागों में कोरोना संक्रमण से बचने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, इस वजह से महामारी फैल रही है।
विभाग खुले तो 100 फीसदी क्षमता से बुलाने लगे
राजधानी के कुछ दफ्तरों को छोड़कर लगभग सभी दफ्तरों में 100 फीसद कर्मचारियों को बुलाया जा रहा है। इस वजह से भीड़ बढ़ रही है। सफाई नियमित नहीं हो रही है। थर्मल स्क्रीनिंग का कड़ाई से पालन नहीं किया जा रहा है। साफ-सफाई व छिड़काव व्यवस्था का अभाव है। शौचालयों में साबुन खत्म हो जाते हैं। सैनिटाइजर पर्याप्त नहीं रखते। बिना मास्क के पहुंचने वाले कर्मचारियों की पहचान कर उन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इम्युनिटी लेवल नापने के लिए सीरो सर्वे शुरू
इधर, भोपाल में सोमवार से कोरोना संक्रमण की स्थिति और उसकी रोकथाम के लिए सीरो सर्वे शुरू हो गया। उन क्षेत्रों पर ज्यादा फोकस किया जाएगा जहां संक्रमण तेजी से फैला है। इसमें मुख्य रूप से घनी बस्तियों और इलाकों में सर्वे पर जोर रहेगा। ये एंटीबॉडी टेस्ट है, जो रैंडम किया जाएगा। इसके लिए राजधानी में 9200 घरों को चिन्हित किया गया है। पूरे शहर के 81 वार्ड में सर्वे कराया जाएगा। सोमवार 55 टीमों को सर्वे के लिए रवाना कर दिया गया है। स्वस्थ व्यक्ति के ब्लड का सैंपल लिया जाएगा और राज्य वायरोलॉजी लैब में उसका एलाइजा टेस्ट होगा। अगले दिन इसका रिजल्ट भी संबंधित व्यक्ति को मैसेज के जरिए भेजा जाएगा।
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