मंत्रालय में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा सीएम डॉ. मोहन यादव ने की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि त्योहारों से पहले सभी गांवों में साफ-सफाई कराई जाए। साथ ही धार्मिक पर्वों पर होने वाले भंडारों और धार्मिक आयोजनों को प्लास्टिक कचरा मुक्त बनाने में ग्राम पंचायतें पहल करें। प्रदेश में हो रहे नगरीय विस्तार को देखते
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा के दौरान कहा कि पंचायतें सामाजिक-आर्थिक जीवन स्तर के उन्नयन का प्रभावी माध्यम हैं। प्रदेश की सभी पंचायतों में सभी लोगों को मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन कराते हुए विकास गतिविधियां संचालित की जाएं। स्थानीय स्तर पर कार्य कर रहे पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए भी गतिविधियां संचालित की जाएं।
लखपति स्व-सहायता समूह होंगे प्रदेश के रोल मॉडल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बन रहे पीएम आवास का डिजाइन ऐसा हो, जिससे इनकी विशेष पहचान बनी रहे। उन्होंने कहा कि स्वावलंबी रूप में संचालित हो रही गौशालाओं के प्रबंधन का दस्तावेजीकरण किया जाए और अन्य जिलों के गौशाला संचालक भी स्वावलंबी प्रबंधन प्रक्रिया का अनुसरण करें।
गौशालाओं के प्रबंधन को धार्मिक संस्थाओं और समाज की दान-पुण्य गतिविधियों से जोड़ा जाए। इसके साथ ही जिन स्व-सहायता समूहों के सभी सदस्य लखपति हैं, उन समूहों को प्रदेश में रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाए। स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को एमएसएमई और बड़े उद्योग समूहों से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास हो।
मंत्रालय में मंगलवार को सीएम ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक की।
प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना में प्रदेश देश में प्रथम
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के अंतर्गत आवास पूर्णता में देश में प्रदेश प्रथम स्थान पर है। योजना के अंतर्गत स्वीकृत 49 लाख 42 हजार आवासों में से 39 लाख 5 हजार आवास पूर्ण हो गए हैं। योजना के अंतर्गत निर्मित हो रहे आवास स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप बने, इस उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न अंचलों में आवास निर्माण के लिए परम्परागत तकनीकों का भी अध्ययन स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्टिटेक्चर द्वारा कराया गया है।
बैठक में बताया गया कि एक बगिया मां के नाम योजना के अंतर्गत सिंगरौली, खंडवा, बैतूल, देवास और आगर-मालवा जिलों ने बेहतर उपलब्धि दर्ज की है। मां नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों की भूमि पर पौधरोपण के साथ फेंसिंग से पौधों को सुरक्षित रखने में मदद मिली है। पंचायतों में भवन उपलब्ध कराने के लिए नवीन अटल सेवा सदन का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर अटल ई-सेवा केन्द्र स्थापना, प्रदेश के प्रत्येक ग्राम के श्मशान घाट तक पहुंच मार्ग और श्मशान घाट की व्यवस्था की दिशा में कार्य जारी है।