भाजपा विधायक बोले- नेपाल जैसे हालात हिंदुस्तान में भी होंगे: कहा- 18 से 30 साल के युवाओं को मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाए; सोमनाथ मंदिर का उदाहरण दिया – Guna News

भाजपा विधायक बोले- नेपाल जैसे हालात हिंदुस्तान में भी होंगे:  कहा- 18 से 30 साल के युवाओं को मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाए; सोमनाथ मंदिर का उदाहरण दिया – Guna News


कार्यक्रम को संबोधित करते विधायक पन्नालाल शाक्य।

गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे हालात अब भारत में भी हो सकते हैं। देश के अंदर गृहयुद्ध जैसी स्थिति छिड़ सकती है। इसलिए 18 से 30 वर्ष तक के युवाओं को अनिवार्य रूप

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राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में नौ संभागों के विद्यार्थी शामिल हुए थे। समापन समारोह में विधायक शाक्य ने ट्रॉफी वितरण के दौरान भाषण दिया। उन्होंने कहा- खेल, विकास और विश्वगुरु बनने की बातें अपनी जगह हैं, लेकिन देश की सुरक्षा और भविष्य को लेकर गंभीर होना जरूरी है।

पड़ोसी देशों के उदाहरण गिनाए

शाक्य ने कहा- “लंका में आग लगी, बांग्लादेश में तख्तापलट हुआ, अफगानिस्तान की हालत खराब है, पाकिस्तान में आतंकवाद पनप रहा है और हाल ही में नेपाल भी बर्बाद हो गया। अब सबकी निगाह हिंदुस्तान पर है। अगर हमने युवाओं को तैयार नहीं किया तो हमारे देश में भी गृहयुद्ध छिड़ सकता है।”

कार्यक्रम में विजेताओं को ट्रॉफी प्रदान की गईं।

कलेक्टर से केंद्र सरकार तक भेजने को कहा प्रस्ताव

उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि उनका यह लिखित प्रस्ताव दिल्ली भेजा जाए। गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय को बताया जाए कि युवाओं की मिलिट्री ट्रेनिंग तत्काल शुरू की जाए। शाक्य बोले- जल्दी से जल्दी इसे चालू करना जरूरी है। हम कल की कल्पना करें कि हमारे देश में भी अगर ऐसा कुछ होता है, तो कौन-कौन बाहर निकलेगा। होगा जरूर, जरूर होगा। ये मैं बिल्कुल चुनौतीपूर्ण कह रहा हूं, क्योंकि मुझे भी यह दिख रहा है। ऐसा कुछ होने वाला है, ये पक्का मानना। जिला दंडाधिकारी से करबद्ध निवेदन है कि श्रीमान सावधान हो जाएं। नहीं तो ये जितने स्कूटी लेकर गए हैं न यहां से, कोई इनमें दो थप्पड़ लगाएगा और स्कूटी छुड़ा ले जाएगा।

नालंदा विश्वविद्यालय और सोमनाथ के उदाहरण दिए

विधायक ने कहा- “नालंदा विश्वविद्यालय में 12 हजार विद्यार्थी और 1200 शिक्षक थे, लेकिन सिर्फ 11 लोगों ने उसे जला दिया। छह महीने तक पुस्तकालय जलता रहा और कोई बचाने नहीं निकला। इसी तरह सोमनाथ मंदिर भी आग में झोंक दिया गया। बहुत लोग थे, लेकिन वो यही सोचते रह गए कि भगवान भोलेनाथ त्रिशूल निकालेंगे और उस राक्षस का वध कर देंगे। इस भरोसे में मत रहना। सीमाएं तो सुक्षित हैं। सीमाएं सुरक्षित रहने वाली हैं, पर अंदर कौन करेगा। अंदर की भी तो सुरक्षा जरूरी है।



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