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Burhanpur News: नावथा गांव का नाम देवर्षि नारद के नाम पर पड़ा है. जिस जगह पर नारद मुनि ने तपस्या की थी, वहां पर आज भी कमल के फूल खिलते हैं. कमल के सुंदर फूल लोगों को खूब आकर्षित करते हैं.
लोकल 18 ने जब मंदिर के पुजारी से बात की, तो उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश का बुरहानपुर जिला इसलिए भी खास माना जाता है क्योंकि यहां पर कई भगवानों ने तपस्या की है. राम झरोखा मंदिर के महाराज नर्मदानंद गिरी बताते हैं कि ताप्ती नदी के तट पर स्थित नावथा गांव में नारद मुनि ने तपस्या की थी और मां ताप्ती से वरदान लिया था कि अपनी महिमा कम करिए क्योंकि गंगा की महिमा को बढ़ाना है. इसका जिक्र तापी महापुराण कथा में भी हुआ है.
उन्होंने आगे बताया कि इस गांव का नाम नावथा नारद मुनि के नाम पर पड़ा है. जिस जगह पर देवर्षि नारद ने तपस्या की थी, वहां आज भी कमल के फूल खिलते हैं और ये फूल लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. यहां का नजारा बहुत सुंदर और शांत है. श्रद्धालु यहां आकर ताप्ती नदी में स्नान करते हैं और स्नानादि के बाद मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं. यही वजह है कि इस स्थान को काफी खास माना जाता है. यहां पर दूर-दूर से श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं.
ताप्ती नदी में स्नान का महत्व
ताप्ती नदी में स्नान का काफी महत्व माना जाता है. श्राद्ध पक्ष में लोग यहां पर अपने पापों का नाश करने के लिए इस नदी में स्नान करते हैं. श्रद्धालु स्नान के बाद शिवजी की पूजा-अर्चना करते हैं. ऐसी मान्यता है कि जो भी भक्त ताप्ती नदी में स्नान के बाद शिवजी के दर्शन और आराधना करता है, उसके सभी पाप दूर हो जाते हैं.
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