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आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए ट्रॉफी जिताने के बाद यह उनकी लगातार दूसरी बड़ी उपलब्धि है. क्या ये प्रदर्शन उन्हें टेस्ट टीम में दोबारा वापसी दिला पाएगा जिसका जवाब तो सिर्फ सेलेक्टर्स के पास है. रजत पाटीदार का शतक सिर्फ़ एक पारी नहीं थी, यह एक बयान था मैं अभी भी यहीं हूं, और तैयार हूं. RCB को ट्रॉफी जिताना, सेंट्रल ज़ोन को मजबूत बनाना और फर्स्ट क्लास में निरंतर रन बनाना इन सबका संदेश एक ही हैपाटीदार अभी खत्म नहीं हुए, अब शायद उनका असली दौर शुरू हो रहा है.
आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए ट्रॉफी जिताने के बाद यह उनकी लगातार दूसरी बड़ी उपलब्धि है. क्या ये प्रदर्शन उन्हें टेस्ट टीम में दोबारा वापसी दिला पाएगा जिसका जवाब तो सिर्फ सेलेक्टर्स के पास है. रजत पाटीदार का शतक सिर्फ़ एक पारी नहीं थी, यह एक बयान था मैं अभी भी यहीं हूं, और तैयार हूं. RCB को ट्रॉफी जिताना, सेंट्रल ज़ोन को मजबूत बनाना और फर्स्ट क्लास में निरंतर रन बनाना इन सबका संदेश एक ही हैपाटीदार अभी खत्म नहीं हुए, अब शायद उनका असली दौर शुरू हो रहा है.
दलीप ट्रॉफी का फाइनल हमेशा ही युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी काबिलियत दिखाने का सबसे बड़ा मंच रहा है, और रजत पाटीदार ने इस मंच का भरपूर फायदा उठाया. स्पिन गेंदबाज़ों की मददगार पिच, शुरुआती विकेट गिर चुके थे, दबाव में टीम बिखर सकती थी लेकिन तभी क्रीज़ पर आए रजत.उन्होंने शुरुआत में संयम दिखाया, फिर जैसे-जैसे विकेट सेट हुए, स्ट्रोक प्ले शुरू किया. 112 गेंदों में शतक पूरा करने वाले रजत ने अपनी शानदार पारी में 12 चौके और 2 छक्के लगाए. उनकी इस पारी की बदौलत सेंट्रल ज़ोन ने पहली पारी में मज़बूत स्कोर खड़ा किया. इस शतक ने एक बार फिर साबित किया कि रजत बड़े मौकों के खिलाड़ी हैं.
2025 की आईपीएल ट्रॉफी RCB के नाम रही और रजत पाटीदार ने इसमें अहम भूमिका निभाई. प्लेऑफ़ में लगातार रन बनाते हुए उन्होंन क्वालिफायर-2 में 78 रन* की नाबाद पारी खेली.फ़ाइनल में 52 रन बनाए, टीम की जीत की नींव रखी.पाटीदार की काबिलियत T20 और रेड-बॉल क्रिकेट दोनों में दिख रही है — उनकी बल्लेबाजी में आल फॉर्मेट बल्लेबाज नजर आता है जो बात उन्हें आने वाले समय में भारत के लिए और ज़्यादा महत्वपूर्ण बनाती है.
रजत को जब भारत की टेस्ट टीम में मौक़ा मिला, तो शायद परिस्थितियाँ उनके अनुकूल नहीं थीं। सीमित मौकों में वो रंग नहीं जमा पाए, लेकिन उन्होंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी.चोट से वापसी कीदोबारा घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया और अब दलीप ट्रॉफी फ़ाइनल में शतक ने सेलेक्टर्स को फिर सोचने पर मजबूर किया है. भारत की टेस्ट टीम फिलहाल बदलाव के दौर से गुजर रही है.चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे जैसे खिलाड़ी आउट ऑफ़ फेव़र हैं, विराट कोहली की उपलब्धता भी अनिश्चित रहती है ऐसे में रजत पाटीदार जैसे खिलाड़ी, जो तकनीकी रूप से साउंड हैं,फॉर्म में हैं,घरेलू अनुभव रखते हैं. अपनी दावेदारी लगातार रख सकते है.