बच्चे, बुजुर्ग और जवान… IND vs PAK मैच रोकने के लिए अड़ गया हिंदुस्तान, पिच खोदते ही कांप उठा था पाकिस्तान!

बच्चे, बुजुर्ग और जवान… IND vs PAK मैच रोकने के लिए अड़ गया हिंदुस्तान, पिच खोदते ही कांप उठा था पाकिस्तान!


India vs Pakistan Asia Cup 2025: भारत और पाकिस्तान, ऐसे दो देश जो 2 महीने पहले तक एक-दूसरे के खून के प्यासे थे. तब भारत के कई पंडित खून और पानी साथ न बहने की बात कर रहे थे और अब भारत-पाकिस्तान के एशिया कप के मुकाबले से पहले हंसते-खिलखिलाते बात कर रहे हैं. दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर बच्चे, बुजुर्ग और जवान समेत पूरा हिंदुस्तान IND vs PAK मैच को बायकॉट करने में जुटा हुआ है. इसकी गवाही भारत-पाकिस्तान के मुकाबले की सीटें देंगी कि देश के लोगों को पाकिस्तान के खिलाफ ये महामुकाबला कितना कचोट रहा है. कभी IND-PAK मैच के लिए लाखों टिकटें भी कम पड़ जाती थीं, लेकिन एशिया कप 2025 के महामुकाबले पर मैच के 24 घंटे पहले तक सोल्ड आउट का टैग नहीं लगा है. इस शोर के बीच हमआपको ऐसी घटना से रूबरू कराने जा रहे हैं जब सोशल मीडिया नहीं था बल्कि पाकिस्तान के मैच को बायकॉट करने के लिए प्रोटेस्ट नहीं बल्कि पिच ही खोद दी गई थी.

पहली बार 1991 में हुआ ‘कांड’

अक्टूबर का महीना और साल था 1991 जब भारत-पाकिस्तान के बीच मैदान के जंग के लिए भारत में माहौल बन चुका था. पाकिस्तान का भारत दौरा सेट था जिसमें दो टेस्ट मैच और एक वनडे सीरीज शामिल थी. पहला टेस्ट मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होना था. उस दौरान भी भारत-पाकिस्तान संबंध कश्मीर मुद्दे और सीमा विवादों के चलते तनावपूर्ण थे. लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों के बीच मुकाबले की तैयारियां जोरों पर थीं. शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे को ये दौरा नहीं पचा और उन्होंने खुलेआम पाकिस्तानी टीम के दौरे का विरोध करने के लिए आक्रामकता चुनी. मुकाबले के महज दो दिन पहले मुंबई के वानखेड़े पर शिवसेना एंड कंपनी ने धावा बोला और पिच खोद डाली. जिसके चलते पाकिस्तान का दौरा रद्द हुआ था. इसका जिम्मा शिवसेना ने लिया था.

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पाकिस्तान को मिली थी धमकी

सिर्फ पिच ही नहीं खोदी बल्कि बाल ठाकरे ने पाकिस्तान को डंके की चोट पर धमकी दे डाली थी कि अगर वह भारत का दौरा करते हैं तो वह किसी भी हद तक जा सकते हैं. जिससे पाकिस्तान कांप उठा और सिक्योरिटी को देखते हुए दौरा रद्द कर दिया था. ठीक 8 साल बाद एक बार फिर कुछ ऐसा ही देखने को मिला. इस बार इससे मिलती जुलती घटना 7 जनवरी 1999 को नई दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में हुई. 12 वर्षों बाद पाकिस्तान का यह पहला टेस्ट दौरा था. सीरीज में दो टेस्ट दिल्ली और चेन्नई में होने थे. बाल ठाकरे एक बार फिर एक्शन में आए और फिर कोटला की पिच पर 6 जनवरी की रात धावा बोला. कोटला को कुदालों से खोदा गया, लेकिन इस बार इसका प्रभाव नहीं पड़ा. बाल ठाकरे की पूरी कोशिश के बाद भी मुकाबले आयोजित हुए. 

इस बार गईं 26 जानें

इस बार मामला कश्मीर मुद्दे का नहीं है बल्कि 26 जानों की बात है. 22 अप्रैल को पाकिस्तान से आए आतंकियों ने निहत्थे मासूम हिंदुओं की धर्म पूछकर जान ले ली. भारत ने इसका मुंहतोड़ जवाब भी दिया और दोनों देशों के बीच तनाव देखने को मिला. वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स में भारत के पूर्व क्रिकेटर्स ने मुकाबले का बायकॉट किया और मैच रद्द हुआ था. लेकिन इस घटना के 6 महीने बीतने के बाद ही सरकार और बीसीसीआई ने पीड़ितों के दुख को नजरअंदाज कर महामुकाबला आयोजित करवाने की तैयारी कर ली है. देशभर में विरोध है कई बड़े नामों ने भी इस महामुकाबले को रद्द करने की मांग की थी. सभी का कहना है एशिया कप खेलो लेकिन पाकिस्तान से नहीं?

भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबले में मज 24 घंटे समय का बाकी है. 14 सितंबर को दोनों टीमें भिड़ेंगी इसपर मुहर लग चुकी है. सोशल मीडिया पर माहौल गर्म है लेकिन इसका असर दुबई में नहीं देखने को मिल रहा है. अब सवाल है कि क्या फिर पिच खोदने पर ही पीछे हटेगा पाकिस्तान? 



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