छत्रपति शिवाजी महाराज से लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसी महान हस्तियों के किरदार निभा चुके जाने-माने अभिनेता सचिन खेडेकर और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित फिल्म एवं रंगमंच डायरेक्टर चंद्रकांत कुलकर्णी ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के EMRC डिपा
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एक्टर सचिन खेडेकर ने कहा कि रंगमंच एक कलाकार के व्यक्तित्व को पूरी तरह से विकसित करने में सहायता करता है। उन्होंने कहा कि मैं कई सालों बाद रंगमंच पर फिर से कदम रख रहे हैं, क्योंकि रंगमंच मुझे खुद को तराशने का अवसर देता है। उन्होंने ये भी बताया कि जब लोग मुझे अरे ये तो सिंघम वाला गोटिया है और कुछ लोग मुझे सुभाष चंद्र बोस के रूप में सम्मान देते हुए कहते हैं कि आपने नेताजी के किरदार को बखूबी निभाया है। यहीं बातें एक कलाकार को ऊर्जा से भर देती है और अच्छे काम के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने आज के दौर की विडंबना को बताते हुए कहा कि एआई (AI) के नाम में ही आर्टिफिशियल है और आज भी कंटेंट को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है।
स्टूडेंट्स के साथ अपने अनुभव साझा करते डायरेक्टर चंद्रकांत कुलकर्णी और एक्टर सचिन खेडेकर।
आर्ट और कमर्शियल फिल्मों के अंतर को बताते हुए उन्होंने कहा कि एक अच्छे कलाकार को दोनों में काम करने में सक्षम होना चाहिए। एक कलाकार को विश्वसनीय होना चाहिए और स्थिति के अनुसार खुद को किरदार में ढालना आना चाहिए। इन्हीं बातों पर देते हुए डायरेक्टर चंद्रकांत कुलकर्णी ने सभी स्टूडेंट्स को यह मैसेज दिया कि मीडिया क्षेत्र में एक सच्चे कलाकार को हमेशा निरंतरता बनाए रखना चाहिए। स्टूडेंट्स ने उनसे उनके अब तक के अनुभवों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान प्रो.रजनीश जैन, भूतपूर्व सचिव, UGC, एचओडी डॉ.चंदन गुप्ता मौजूद रहे।

EMRC में इस दौरान कई स्टूडेंट्स व फैकल्टी मेंबर शामिल हुए।