भारतीय बैडमिंटन से दो बड़ी खुशखबरी आई हैं. दरअसल, हांगकांग में जारी बैडमिंटन टूर्नामेंट में सिंगल्स और डबल्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाते फाइनल में जगह बना ली है. सिंगल्स में लक्ष्य सेन और डबल्स में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी लक्ष्य की भारतीय जोड़ी फाइनल में पहुंच चुकी है. लक्ष्य ने चीनी ताइपे के चोउ तिएन चेन को सीधे गेम में हराकर दो साल में अपने पहले बड़े फाइनल में जगह बनाई, जबकि सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष डबल्स जोड़ी भी खिताबी जीत से एक कदम दूर है.
दो साल बाद फाइनल में लक्ष्य
हांगकांग ओपन 2025 में शनिवार (13 सितंबर) का दिन भारत के लिए शानदार रहा. लक्ष्य सेन ने पुरुष सिंगल्स के फाइनल में प्रवेश किया. वहीं, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरुष डबल्स के फाइनल में जगह बनाई. 24 साल के लक्ष्य सेन ने सेमीफाइनल में चीनी ताइपे के चोउ तिएन चेन को 56 मिनट के कड़े मुकाबले में 23-21, 22-20 से हराया. सेन 2023 के बाद पहली बार सुपर 500 के फाइनल में पहुंचे हैं. अब उनका सामना विश्व नंबर 4 चीन के ली शि फेंग से होगा. इस मुकाबले के बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है. सेन का चीनी स्टार पर 7-6 से बढ़त है. इसलिए फाइनल बेहद रोमांचक और कड़ा होगा.
खिताबी जीत से एक कदम दूर सात्विक-चिराग
सात्विक और चिराग ने एक साल के लंबे अंतराल के बाद सफलता हासिल की और अक्टूबर 2023 में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद पहली बार फाइनल में पहुंचे. विश्व में 9वें नंबर की इस भारतीय जोड़ी ने चीनी ताइपे की गैर-वरीयता प्राप्त जोड़ी बिंग-वेई लिन और चेन चेंग कुआन को 21-17, 21-15 से हराकर 2025 में लगातार छह सेमीफाइनल की हार के निराशाजनक क्रम को तोड़ा. फाइनल में सात्विक और चिराग का सामना चीन की विश्व की तीसरी वरियता प्राप्त जोड़ी लियांग वेई केंग और वांग चांग से होगा. लियांग वेई केंग और वांग चांग ने सेमीफाइनल में हमवतन फेंग-चिह ली और फेंग-जेन ली को 21-19, 21-8 से हराया.
24 साल के सात्विक पीठ की लगातार समस्या, कोहनी की चोट और फरवरी 2025 में अपने पिता को खोने के व्यक्तिगत दुख से जूझ रहे हैं. 28 साल के चिराग भी लगातार पीठ की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे उनकी लय प्रभावित हुई है और उन्हें कई बार खेल से हटना पड़ा है. इन असफलताओं के बावजूद साल की शुरुआत में बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में इस जोड़ी ने कांस्य पदक जीता था. भारतीय पुरुष डबल्स के अग्रदूत माने जाने वाले सात्विक और चिराग के साथ लक्ष्य सेन के पास खिताब जीतने का मौका है.