बालाघाट पुलिस ने “पुलिस एकल अभियान” के तहत दूर-दराज और नक्सल प्रभावित इलाकों में रहने वाले बुजुर्गों की मदद कर सराहनीय पहल की है। इसके तहत मोतियाबिंद से पीड़ित 10 बुजुर्गों को जबलपुर ले जाकर उनका सफल ऑपरेशन कराया गया। फिर उन्हें सुरक्षित उनके घर पहुं
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बालाघाट के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह अभियान मिशन 2026 का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जिले से नक्सलवाद को खत्म करना है। पुलिस नक्सलियों की विचारधारा को समाप्त करने के लिए ग्रामीणों के साथ संबंध मजबूत कर रही है। इसके लिए, पुलिस सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाएं भी उपलब्ध करा रही है।
एकल सुविधा केंद्र बन रहे सहारा
बालाघाट में 46 एकल सुविधा केंद्र दूरस्थ पुलिस कैंपों में संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, और उनके लिए वन अधिकार पट्टा, जाति प्रमाण पत्र और आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बनाए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जाते हैं, जहां मुफ्त दवाएं और इलाज उपलब्ध कराया जाता है।
इसी पहल के तहत लातरी, मंडवा, नव्ही, डोंगरिया, लहंगा कन्हार, पाथरी, जगला और लालपुर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से 10 बुजुर्गों को चिह्नित किया गया था। उनकी आंखों की जांच के बाद उन्हें जबलपुर के नेत्र संस्थान भेजा गया, जहां उनका मोतियाबिंद का ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। ऑपरेशन के बाद उनकी आंखों की रोशनी लौट आई है।