हॉकी एशिया कप फाइनल में चीन से हारी भारत की महिला टीम, खिताब के साथ-साथ

हॉकी एशिया कप फाइनल में चीन से हारी भारत की महिला टीम, खिताब के साथ-साथ


India vs China Women’s Hockey Asia Cup Final 2025: भारतीय महिला हॉकी टीम को चीन के हांगझोऊ में खेले गए एशिया कप फाइनल में चीन से 4-1 से हार का सामना करना पड़ा. भारत ने न सिर्फ खिताब गंवाया, बल्कि अगले साल होने वाले हॉकी वर्ल्ड कप में डायरेक्ट एंट्री का सुनहरा मौका भी मिस कर दिया. भारत को टूर्नामेंट में सिर्फ दो ही हार मिलीं और दोनों ही बार चीन से शिकस्त दी. चीन ने इस खिताबी जीत से महिला हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में सीधे प्रवेश कर लिया है. भारत की सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा.

फाइनल में चूकी टीम इंडिया

भारतीय टीम की तरफ से मैच के पहले ही मिनट में फॉरवर्ड नवनीत कौर ने गोल दागा, लेकिन इसके बाद भारतीय टीम गोल के लिए संघर्ष करती रही. चीन की तरफ से कप्तान ओउ जिक्सिया (21वें मिनट), ली होंग (40वें मिनट), जू मीरॉन्ग (51वें मिनट) और झोंग जियाकी (53वें मिनट) के गोल किया. इस जीत के साथ चीन 2026 महिला हॉकी विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने वाली 8वीं टीम बन गई. यह विश्व कप 14-30 अगस्त, 2025 को बेल्जियम और नीदरलैंड की मेजबानी में खेला जाएगा. बेल्जियम और नीदरलैंड ने मेजबान होने के नाते सीधे स्थान हासिल किए हैं. इसके अलावा जर्मनी, अर्जेंटीना, संयुक्त राज्य अमेरिका, स्पेन, न्यूजीलैंड और चीन ने महाद्वीपीय चैंपियनशिप के जरिए स्थान हासिल किया.

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एक गोल के बाद संघर्ष करता रही टीम

भारत ने फाइनल में पहले ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के जरिए बढ़त बनाकर शानदार शुरुआत की, जिसे अनुभवी फॉरवर्ड नवनीत कौर ने एक जबरदस्त गोल में बदल दिया. एक गोल से पिछड़ने के बाद चीन ने अपनी गति बढ़ा दी और पहले हाफ में जोरदार हमले किए. चौथे मिनट में उन्हें अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे सुनीता टोप्पो ने गोललाइन ब्लॉक करके रोका और फिर गोलकीपर बिचु देवी ने एक और गोल बचा लिया. 15वें मिनट में, चीन को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन इस बार वे भारत के पहले रशर को चकमा नहीं दे पाए.

दूसरे क्वार्टर में भी यही सिलसिला जारी रहा, जहां चीन ने 17वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, जिसे बिचू देवी ने बचा लिया, जिन्होंने 20वें मिनट में ओपन प्ले में एक और शानदार ब्लॉक लगाया. चीन को 21वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन इस बार कप्तान ओउ जिक्सिया (21वें मिनट) ने इसे गोल में बदलकर बराबरी कर ली. दोनों टीमें ब्रेक तक बराबरी पर थीं. 

आखिरी क्वार्टर में चीन का रहा दबदबा

भारत ने तीसरे क्वार्टर की शुरुआत मजबूती से की और चीन को उसके ही हाफ तक सीमित रखा और बढ़त बनाने की कोशिश में लगातार सर्कल में घुसते रहे. 40वें मिनट में भारत को एक पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन वे इसे गोल में नहीं बदल पाए, जिससे गेंद चीन को मिल गई और उन्होंने तुरंत पलटवार करते हुए भारत को चौंका दिया. ली होंग (40वें मिनट) में गोल दागा. चौथे क्वार्टर में चीन ने क्रमशः 51वें और 53वें मिनट में दो तेज गोल मारते हुए खिताब पर अपना कब्जा जमा लिया.



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