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PCB Threaten to Leave Asia Cup: इंडिया-पाकिस्तान एशिया कप 2025 में नो-हैंडशेक विवाद पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी ने आईसीसी को यह धमकी दी है कि अगर मैच रेफरी पायक्रॉफ्ट को नहीं हटाया गया तो वो टूर्नामेंट छोड़ सकते हैं.
पीसीबी ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया है. (News18)रविवार को टॉस के दौरान और फिर मैच खत्म होने पर भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बीच हाथ मिलाने की परंपरा टूट गई. टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव और उनके साथी खिलाड़ी सीधे ड्रेसिंग रूम की ओर बढ़ गए जबकि पाकिस्तानी कप्तान सलमान आगा और उनकी टीम मैदान पर इंतजार करती रह गई. इसी पर पाकिस्तान ने आपत्ति जताई और मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट पर गंभीर आरोप लगाए.
PCB का आरोप है कि पायक्रॉफ्ट ने टॉस के समय दोनों कप्तानों को हाथ मिलाने से रोककर “स्पिरिट ऑफ क्रिकेट” के खिलाफ काम किया. बोर्ड का कहना है कि यह कदम एकतरफा था और उन्होंने अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया. यही नहीं, PCB ने आईसीसी से पायक्रॉफ्ट को एशिया कप से तत्काल हटाने की मांग की है. क्रिकबज और पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, PCB ने आईसीसी को साफ चेतावनी दी है कि अगर पायक्रॉफ्ट को रेफरी पैनल से नहीं हटाया गया, तो पाकिस्तान अपनी अगली भिड़ंत यानी 17 सितंबर को UAE के खिलाफ मैदान पर नहीं उतरेगा. यानी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड टूर्नामेंट बीच में छोड़ने का अल्टीमेटम दे रहा है.
क्या बोले PCB चीफ?
ACC के अध्यक्ष और PCB चीफ मोहसिन नकवी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “हमने आईसीसी को शिकायत भेज दी है. यह सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि क्रिकेट की आत्मा के खिलाफ कदम है.” मैच के बाद जब भारतीय खिलाड़ी हाथ मिलाने नहीं आए, तो पाकिस्तानी टीम ने भारतीय ड्रेसिंग रूम के बाहर कतार लगाई लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला. कप्तान सलमान आगा ने विरोध में पोस्ट-मैच इंटरव्यू तक बहिष्कार कर दिया. इससे मामला और भड़क गया.
पाकिस्तान ने टूर्नामेंट छोड़ा तो क्या होगा?
अगर पाकिस्तान वास्तव में टूर्नामेंट छोड़ देता है तो एशिया कप का शेड्यूल गड़बड़ा सकता है और आयोजकों पर भारी दबाव पड़ेगा. साथ ही भारत-पाक प्रतिद्वंद्विता की यह जंग क्रिकेट से ज्यादा राजनीति का रूप ले सकती है. इस धमकी ने साफ कर दिया है कि ‘नो-हैंडशेक विवाद’ अब महज खिलाड़ियों की नाराजगी नहीं बल्कि एशियाई क्रिकेट राजनीति का बड़ा तूफान बन चुका है.
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें