महंगी दवाओं को कहें बाय-बाय, पाइल्स में बेहद कारगर ‘सूरन की कढ़ी’

महंगी दवाओं को कहें बाय-बाय, पाइल्स में बेहद कारगर ‘सूरन की कढ़ी’


Last Updated:

Health Tips: विशेषज्ञों के अनुसार, सूरन को सब्जी, कढ़ी या अचार के रूप में खाने से इसका असर और भी बढ़ जाता है. खासकर पाइल्स (Piles Home Remedies) के मरीजों को सूरन की कढ़ी का सेवन नियमित करने का परामर्श दिया जाता है. इससे रक्तस्राव में कमी आती है और दर्द से राहत भी मिलती है.

सतना. पाइल्स (Piles Household Remedies) एक ऐसी समस्या है, जिसका नाम सुनते ही लोग घबरा जाते हैं. यह बीमारी व्यक्ति के जीवन की दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर देती है. आमतौर पर मरीज महंगे इलाज और दवाइयों के भरोसे रहते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके घर की रसोई में मौजूद सूरन की कढ़ी इस परेशानी से निजात दिलाने का सरल उपाय है. बघेलखंड में लोग सदियों से सूरन को दवाई के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे हैं और आज भी इसे बेहद कारगर माना जाता है.

परंपरा से आधुनिकता तक
बघेलखंड के ग्रामीण अंचलों में आज भी सूरन का खास स्थान है. यहां लोग इसे केवल सब्जी के रूप में ही नहीं बल्कि औषधीय गुणों के कारण भी पहचानते हैं. सूरन की कढ़ी या सब्जी खाने से बवासीर के लक्षणों में राहत मिलती है. पुराने समय में जब अस्पताल या दवाइयां आसानी से उपलब्ध नहीं थीं, तब लोग घरेलू नुस्खों पर भरोसा करते थे. सूरन उन्हीं में से एक प्रमुख उपचार रहा है.

क्या है विशेषज्ञों की राय?
लोकल 18 से बातचीत में औषधीय विशेषज्ञ विष्णु तिवारी ने बताया कि सूरन का नियमित सेवन पेट की कई बीमारियों को दूर करता है. उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ पाइल्स में बल्कि लीवर, गैस, अल्सर और जॉन्डिस जैसी बीमारियों में भी लाभकारी माना जाता है. इसके औषधीय तत्व शरीर की पाचन शक्ति को बढ़ाते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं.

खाने के तरीके और फायदे
विशेषज्ञों के अनुसार, सूरन को कढ़ी, सब्जी या अचार के रूप में खाने से इसका असर और भी बढ़ जाता है. खासकर पाइल्स के मरीजों को सूरन की कढ़ी का सेवन नियमित करने की सलाह दी जाती है. इससे रक्तस्राव में कमी आती है और दर्द से राहत मिलती है. ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार आज भी अपने खानपान में सूरन को एक अनिवार्य हिस्सा मानते हैं.

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homelifestyle

महंगी दवाओं को कहें बाय-बाय, पाइल्स में बेहद कारगर ‘सूरन की कढ़ी’

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



Source link