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Agriculture Tips: अगर किसान यूरिया या डीएपी से छुटकारा पाना चाहते हैं तो इससे बेहतद विकल्प नहीं मिलेग. ये विकल्प कारगर तो है ही, सस्ता भी है. एक्सपर्ट से जानें सब…
अमोनियम सल्फेट नाइट्रोजन के साथ-साथ सल्फर पोषक तत्व भी प्रदान करता है, जो फसल की वृद्धि और मिट्टी की उर्वरता के लिए महत्वपूर्ण है. इसमें पाया जाने वाला अमोनिकल नाइट्रोजन लंबे समय तक स्थायी रहता है, जबकि यूरिया का नाइट्रोजन हवा में उड़ सकता है या पानी में घुलकर नष्ट हो सकता है.
अमोनियम सल्फेट में 20.5 प्रतिशत अमोनिकल नाइट्रोजन और 23 प्रतिशत सल्फर होता है. यह न केवल फसल के लिए असरदार है, बल्कि मिट्टी के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखता है. सल्फर की पर्याप्त मात्रा के कारण किसानों को अलग से सल्फर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती. इसका उपयोग फसल उत्पादन बढ़ाने, कीटनाशक और दवा के खर्च को कम करने में भी मदद करता है. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे फास्फोरस का बेहतर उपयोग होता है और डीएपी की खपत घटती है.
रीवा अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक अतेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि किसान प्राकृतिक विकल्पों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, सरसों की खली नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, सल्फर और जिंक जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होती है. यह धान के पौधों की वृद्धि और उपज के लिए आवश्यक है. इसके अलावा, खली में कार्बनिक पदार्थ भी मौजूद होते हैं, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं और पौधों की जड़ों को गहराई तक पोषण देते हैं.
कुल मिलाकर, अमोनियम सल्फेट और प्राकृतिक विकल्प किसानों को यूरिया की कमी के बावजूद फसल उत्पादन और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इन उपायों से किसानों को लागत कम करने, फसल की गुणवत्ता बढ़ाने और लंबे समय तक मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिलेगी.
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म… और पढ़ें