राष्‍ट्रगान से पहले प्‍लेयर्स के झुके सिर, स्‍टेडियम में क्‍यों छाया सन्‍नाटा?

राष्‍ट्रगान से पहले प्‍लेयर्स के झुके सिर, स्‍टेडियम में क्‍यों छाया सन्‍नाटा?


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SL vs BAN Asia Cup: एशिया कप में श्रीलंका और बांग्लादेश मैच से पहले डुनिथ वेल्लालेगे के पिता को श्रद्धांजलि में एक मिनट का मौन रखा गया, जिससे स्टेडियम में फैन्‍स भावुक हो उठे और खेल भावना की मिसाल दिखने को मिली.

मैदान पर क्रिकेटर्स ने मौन रखा. (Social Media)
श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच एशिया कप सुपर-4 मैच के दौरान शनिवार को स्टेडियम में बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला. टॉस के बाद जैसे ही दोनों टीमें मैदान पर उतरीं तो लगा कि राष्‍ट्रगान शुरू होने वाला है लेकिन इससे पहले दोनों टीमों के प्‍लेयर्स सहित अंपायरों और दर्शकों ने एक मिनट का मौन रखा. यह मौन श्रीलंका के युवा ऑलराउंडर डुनिथ वेल्लालेगे के पिता के निधन के बाद उन्‍हें श्रद्धांजलि देने के लिए था, जिनका हाल ही में निधन हो गया.

सभी प्‍लेयर्स ने दिया डुनिथ वेल्‍लालेगे का साथ
डुनिथ वेल्लालेगे पिता की मौत के बाद वापस श्रीलंका लौटे थे. अंतिम संस्‍कार के बाद वो एक बार फिर सुपर-4 मैच से पहले श्रीलंका की टीम के साथ जुड़ गए. आज बांग्‍लादेश के खिलाफ मैच के दौरान पूरा स्टेडियम खामोश हो गया और माहौल भावुक हो उठा. साथी खिलाड़ी वेल्लालेगे के साथ खड़े नजर आए. खास बात यह रही कि वेल्लालेगे ने अपने व्यक्तिगत दुख को किनारे रखते हुए देश के लिए खेलने का फैसला किया. उनका यह समर्पण और हिम्मत हर किसी के लिए प्रेरणा बन गई.

बांग्‍लादेशी क्रिकेटर्स ने भी रखा मौन
बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने भी इस मौन में शामिल होकर खेल भावना का शानदार उदाहरण पेश किया. दर्शकों ने भी खड़े होकर इस क्षण का सम्मान किया. क्रिकेट के इस महाकुंभ में यह नजारा साफ दिखा गया कि खेल सिर्फ प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि इंसानियत और आपसी सम्मान का भी प्रतीक है. श्रीलंका के कप्तान चारिथ असलंका ने कहा कि टीम पूरी तरह से वेल्लालेगे और उनके परिवार के साथ खड़ी है. एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में जहां दबाव और प्रतिस्पर्धा अपने चरम पर होती है, वहां इस तरह के पलों से खेल का मानवीय पहलू सामने आता है. यह क्षण सभी को याद दिलाता है कि मैदान पर चाहे कितना भी तनाव क्यों न हो, पर खिलाड़ियों के निजी संघर्ष और भावनाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं.

Sandeep Gupta

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें

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