ग्वालियर हाईकोर्ट ने पटवारी विनोद सिंह मावई की स्थानांतरण संबंधी याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सब डिविजनल ऑफिसर को तहसील के भीतर पटवारियों की पोस्टिंग का वैधानिक अधिकार है।
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विनोद सिंह को 17 जून 2025 को बानमोर खुर्द हल्का में पदस्थ किया गया था। एक महीने बाद 28 जुलाई 2025 को उन्हें रांचौली हल्का में भेज दिया गया। पटवारी ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। उनका तर्क था कि एसडीओ को अतिरिक्त कलेक्टर के आदेश बदलने का अधिकार नहीं है।
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि विनोद सिंह के खिलाफ शिकायतें मिली थीं। 20 दिसंबर 2024 को उन पर चार्जशीट जारी की गई थी। जांच लंबित होने के कारण उन्हें प्रशासनिक दृष्टि से स्थानांतरित किया गया।
कोर्ट ने माना कि मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता के तहत एसडीओ को तहसील में पटवारियों की पोस्टिंग का अधिकार है। हल्का बदलना स्थानांतरण की श्रेणी में नहीं आता। 28 जुलाई का आदेश पूर्व आदेश को रद्द नहीं करता, बल्कि एक स्वतंत्र आदेश है। प्रशासनिक कारणों और लंबित जांच को देखते हुए पटवारी का स्थानांतरण उचित है।