मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने हत्या के आरोपी की उम्र कैद की सजा पर रोक लगा दी। न्यायालय ने सशर्त जमानत देते हुए उसे 10 पौधे लगाकर रिहाई के 30 दिन के अंदर ट्रॉयल कोर्ट में पौधों के फोटो भेजने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि इन पौधों की दे
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ग्वालियर हाईकोर्ट खंडपीठ।
ऐसे समझिए मामला ग्वालियर पुलिस ने साल 2010 में हत्या के मामले में महेश शर्मा नामक आरोपी को गिरफ्तार किया था, जिसे साल 2021 में एक ट्रायल कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 149 (हत्या की धारा) के तहत दोषी ठहराया था। सुनवाई के दौरान आरोपी महेश शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। आरोपी ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
इस दौरान उसके वकील ने सुनवाई के दौरान यह दलील दी थी कि उनके क्लाइंट ने पहले ही 10 साल 8 माह की सजा जेल में काट ली है। उसकी सजा के समय को ध्यान में रखते हुए सजा को निलंबित किया जाना चाहिए। वकील ने ये भी कहा कि महेश शर्मा अच्छे कामों के जरिए समाज की सेवा करना चाहता है और इसलिए उसे जमानत दी जाए। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की डिवीजन बेंच ने महेश शर्मा की उम्र कैद की सजा पर रोक लगाने का फैसला दिया है। हाईकोर्ट जज ने उसे 50,000 रुपए के निजी मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया। दस फलदार या नीम के पौधे लगाने होंगे, देखभाल भी करेगा हाईकोर्ट ने आरोपी महेश शर्मा को सशर्त जमानत दी है। उसे 10 फलदार या नीम के पौधे लगाने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि इस अपील के निपटारे तक जेल की सजा पर रोक रहेगी, बशर्ते वह जुर्माने की राशि भी जमा कर दे। इसके साथ ही दस फलदार पौधे रोपने होंगे। इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी उसकी ही होगी। उसे रिहाई के 30 दिन के अंदर इन पौधों की फोटो ट्रायल कोर्ट में पेश करना होगा।