DM Story: महिला पार्षदों के पतियों को फटकार लगाने वाली IAS कौन हैं? UPSC में थी 50वीं रैंक

DM Story: महिला पार्षदों के पतियों को फटकार लगाने वाली IAS कौन हैं? UPSC में थी 50वीं रैंक


Last Updated:

UPSC Success Story, IAS Ruchika Chauhan: मध्‍य प्रदेश की एक आईएएस रुचिका चौहान काफी चर्चा में हैं. उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.आइए जानते हैं कि यह पूरा मामला क्‍या है और रुचिका चौहान ने कब यूपीएससी पास की थी…?

DM Story: महिला पार्षदों के पतियों को फटकार लगाने वाली IAS कौन हैं?Who is DM of Gwalior, who is IAS Ruchika Chauhan, DM Story: रुचिका चौहान की कहानी.
UPSC Success Story, IAS Ruchika Chauhan:  ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया के गढ़ माने जाने ग्वालियर की DM रुचिका चौहान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.असल में डीएम की महिला पार्षदों के साथ एक मीटिंग थी.इस मीटिंग में महिला पार्षदों की जगह उनके पति बैठे थे.यह बात रुचिका चौहान को ठीक नहीं लगी जिसके बाद वह महिला पार्षदों को फटकार लगाने लगी और कहने लगी कि-महिलाएं अब सशक्त हैं, उन्हें खुद काम करने दो!.फिर क्या उन्होंने उन पतियों को कुर्सी से उठाकर दर्शक दीर्घा में बिठा दिया. अब आइए आपको बताते हैं कि रुचिका चौहान कौन हैं?

Who is IAS Ruchika Chauhan Gwalior DM: इंदौर की लड़की: UPSC की रेस जीतकर DM बनीं

रुचिका चौहान का जन्म 20 दिसंबर 1984 को इंदौर, मध्य प्रदेश में हुआ.वह एक मिडिल क्लास फैमिली से हैं, जहां पढ़ाई को हमेशा टॉप प्रायोरिटी मिली.स्कूलिंग इंदौर के ही एक अच्छे स्कूल से हुई जहां से उन्होंने टॉप रैंक हासिल की. फिर इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से B.E. in Electronics and Communication Engineering की डिग्री ली. इंजीनियरिंग के बाद रुचिका UPSC की तैयारी में जुट गईं.2009 में उन्‍होंने पहली बार यूपीएससी सिविल सर्विसेज की परीक्षा दी जिसमें उनको सफलता मिल गई.उनका सेलेक्‍शन आईपीएस के लिए हो गया.इसके बाद उन्‍होंने वर्ष 2010 में दूसरी बार यूपीएससी सिविल सर्विसेज की परीक्षा दी और उन्‍होंने यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा में ऑल इंडिया 50वीं रैंक हासिल की और IAS बन गईं. उस साल मध्य प्रदेश से वह इकलौती IAS बनीं.

IAS Ruchika Chauhan Posting: सबसे पहले सिहोर में पोस्‍टिंग

UPSC क्रैक करने के बाद रुचिका की एक साल ट्रेनिंग हुई, जिसके बाद वह 2011 बैच की आईएएस बन गईं.
रुचिका ने सिहोर जिले में असिस्टेंट कलेक्टर के तौर पर काम शुरू किया. वहां उन्होंने ग्रामीण विकास और एडमिनिस्ट्रेशन में कमाल दिखाया.इसके बाद उनकी पोस्‍टिंग सुसनेर में एसडीओ पद पर हुई. बाद में वह उज्‍जैन जिला पंचायत की सीईओ भी रहीं.एडीएम ग्‍वालियर और इंदौर एसडीएम के पद पर भी रहीं. रुचिका रतलाम की कलेक्‍टर भी रहीं. वह मध्य प्रदेश की पहली महिला DC भी बनीं.वर्तमान में वह ग्वालियर की डीएम हैं.रुचिका ने यहां कई बड़े बदलाव किए.उनकी ‘शक्ति दीदी’स्कीम से महिलाओं को पेट्रोल पंप पर जॉब्स मिलीं.पर्यावरण के लिए भी रुचिका ने सिटी फॉरेस्ट प्रोग्राम लॉन्च किया और हाल ही में वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे पर वह ई-रिक्शा से ऑफिस पहुंची थीं.

‘पहले कुर्सी से उठो, पीछे बैठो!’

अब बात उस वायरल घटना की.ग्वालियर के बाल भवन में शहर की समस्याओं स्वच्छता, सड़क आदि पर मीटिंग बुलाई गई थी. रुचिका ने देखा कि कुछ महिला पार्षदों की जगह उनके पति बैठे हैं. यह देखकर डीएम रुचिका चौहान का गुस्सा फूट पड़ा!उन्होंने कहा कि महिलाएं अब सशक्‍त हैं उन्‍हें अपना काम खुद करने दीजिए.उन्‍होंने आरक्षण का मतलब ये नहीं कि पति मीटिंग में आएं.फिर क्या उन्होंने उन पतियों को कुर्सी से उठाकर दर्शक दीर्घा में बिठा दिया. रुचिका ने बाद में कहा कि महिलाओं को मीटिंग में खुद बात रखने दो, इससे उनका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा. आरक्षण का उद्देश्य है-महिलाओं को आगे लाना.उनका यह वीडियो वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ होने लगी.

Gwalior DM News: DM बनते ही रील वालों पर लगाया बैन

रुचिका चौहान 11 मार्च 2024 को ग्‍वालियर की डीएम बनीं.वह उस समय भी चर्चा में आईं थीं, जब उन्‍होंने ग्‍वालियर डीएम बनने के महज एक महीने के भीतर ही रील बनाने वालों के लिए एक नया आदेश जारी किया.इस आदेश में उन्‍होंने पब्लिक प्लेस पर किसी भी तरह की वीडियोग्राफी, रील शूटिंग, फोटोग्राफी पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया.उन्‍होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 का हवाला देते हुए यह आदेश जारी किया था.उस समय भी वह काफी सुर्खियों में रहीं.

Ruchika Chauhan IAS News: ऑफ‍िस में पीला बोरा लेकर घुसा था शख्‍स

इसके बाद वह एक बार फ‍िर तब चर्चा में आईं जब एक युवक उनके कलेक्‍टर ऑफ‍िस ग्‍वालियर में पीला बोरा लेकर घुसा था.जब पुलिस वालों ने उस शख्‍स को रोककर बोरा चेक किया, तो पता चला कि वह कलेक्‍टर के पास बोरे में शिकायती आवेदन पत्र लेकर पहुंचा था.बाद में इस युवक की पहचान जितेन्‍द्र गोस्‍वामी के रूप में हुई.युवक का कहना था कि कई बार शिकायत करने के बाद भी जब काई सुनवाई नहीं हुई तो उसने यह कदम उठाया था.बाद में रुचिका चौहान ने उस युवक से बात की और तुरंत कार्रवाई के लिए निर्देशित भी किया.

Dhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर

न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. करीब 13 वर्ष से अधिक समय से मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व डिजिटल संस्करण के अलावा कई अन्य संस्थानों में कार्य…और पढ़ें

न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. करीब 13 वर्ष से अधिक समय से मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व डिजिटल संस्करण के अलावा कई अन्य संस्थानों में कार्य… और पढ़ें

homecareer

DM Story: महिला पार्षदों के पतियों को फटकार लगाने वाली IAS कौन हैं?



Source link