Last Updated:
भारत और वेस्टइंडीज के बीच दो अक्टूबर से टेस्ट सीरीज शुरू होने जा रही है. इस सीरीज के लिए आज बीसीसीआई ने 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है. इस टीम में मिडिल ऑर्डर बैटर सरफराज खान का नाम नहीं है. इसकी वजह क्या है? चलिए हम आपको इसके बारे में बताते हैं.
सरफराज खान भारतीय स्क्वाड का हिस्सा नहीं हैं. (News18)नई दिल्ली. बीसीसीआई ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है. शुभमन गिल को कप्तान और रवींद्र जडेजा को उपकप्तान बनाया गया है. लेकिन टीम लिस्ट में एक नाम की कमी सबको खटक रही है और वो हैं सरफराज खान. घरेलू क्रिकेट के स्टार माने जाने वाले इस बैटर को एक बार फिर मौका नहीं मिला. सवाल यह उठता है कि आखिर क्यों? चलिए हम आपको इसके पीछे की पूरी कहानी के बारे में बताते हैं.
मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर ने दुबई से प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि सरफराज फिटनेस की समस्या की वजह से टीम से बाहर हैं. सरफराज को क्वाड्रिसेप्स (जांघ की मांसपेशी) में चोट है और वे इस समय बेंगलुरु स्थित एनसीए के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब कर रहे हैं. खबरें यह थीं कि वह 29 सितंबर तक फिट हो जाएंगे और चयन की रेस में लौट सकते हैं लेकिन हकीकत यह है कि उन्हें पूरी तरह फिट होने में और वक्त लगेगा.
ईरानी ट्रॉफी में भी नहीं हैं सरफराज
दिलचस्प बात यह भी है कि सरफराज को न सिर्फ सीनियर टीम से, बल्कि ईरानी ट्रॉफी के लिए चुनी गई इंडिया ए टीम से भी बाहर रखा गया है. इससे यह स्पष्ट हो गया कि चयनकर्ता उन्हें फिलहाल मैदान पर उतारने का जोखिम नहीं लेना चाहते. माना जा रहा है कि सरफराज अब सीधे मुंबई की ओर से रणजी ट्रॉफी में वापसी करेंगे. याद दिला दें कि सरफराज ने नवंबर 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट खेला था. छह मैचों में उन्होंने 371 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं.
फिटनेस से नहीं होगा समझौता
सरफराज खान की औसत (37.1) और निरंतरता पर सवाल उठते रहे हैं लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड गवाही देता है कि वह लंबे समय तक टीम इंडिया का हिस्सा बनने की क्षमता रखते हैं. इस बार का चयन यह भी दिखाता है कि बीसीसीआई फिटनेस पर कोई समझौता नहीं करना चाहता. टीम में कई युवा चेहरे जैसे देवदत्त पडिक्कल, नितीश रेड्डी और साई सुदर्शन शामिल किए गए हैं, जो भविष्य की योजनाओं का हिस्सा हैं. ऐसे में सरफराज को अपने फिटनेस और प्रदर्शन से खुद को फिर साबित करना होगा.
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें