डिंडौरी जिले के शहपुरा विकासखंड के पिपराडी गांव में संचालित एकलव्य आवासीय विद्यालय की हॉस्टल अधीक्षिका संगीता ढल्ल पर एक छात्रा के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को परिजनों ने अधीक्षिका पर छात्रा से मारपीट करने, जाति सूचक शब्दों का प्रयोग क
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शिकायत की सूचना मिलते ही पुलिस और जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी स्कूल पहुंचे और तत्काल कार्रवाई करते हुए अधीक्षिका को उनके पद से हटा दिया गया है।
अमदरी गांव के निवासी सुरेश उरैती ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी नौवीं कक्षा की छात्रा है। नवरात्र के दौरान उनकी बेटी ने हॉस्टल में मां दुर्गा की मिट्टी की प्रतिमा बनाई थी। परिजनों के अनुसार, 23 सितंबर की रात 8 बजे जब उनकी बेटी को “भाव आने” लगे तो अधीक्षिका संगीता ढल्ल ने उसके साथ क्रूरता की। उन्होंने आरोप लगाया कि अधीक्षिका ने बेटी के बाल पकड़कर घसीटा, मारपीट की और गर्म चिमटा मुंह में डालने की धमकी दी। इसके अलावा उन्होंने मां दुर्गा की प्रतिमा तोड़कर बाल्टी में फेंक दी।
अधीक्षिका का पक्ष: ‘बच्चियों को डर लग रहा था’
अधीक्षिका संगीता ढल्ल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर कहा कि उनका उद्देश्य किसी धर्म या जाति का अपमान करना नहीं था। उन्होंने सफाई दी कि बच्ची की स्थिति देखकर दूसरी बच्चियों को डर लग रहा था। उनके असिस्टेंट ने बताया था कि मूर्ति रखने पर बच्चियों को भाव आते हैं, इसलिए उन्होंने मूर्ति और फोटो उनसे ले ली थी।
तत्काल प्रभार छीना गया, पुलिस जांच जारी
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त राजेंद्र जाटव, थाना प्रभारी अनुराग जामदार सहित विकासखंड के अधिकारी तुरंत स्कूल पहुंचे। सहायक आयुक्त ने बताया कि अधीक्षिका संगीता ढल्ल से प्रभार लेकर स्कूल में ही पदस्थ प्रियंका शर्मा को नया प्रभार दिया गया है। पुलिस ने मामले से संबंधित बाल्टी जब्त कर छात्रा का कमरा सील कर दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और विभागीय जांच भी जारी है।