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Ground Report: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं, जहां जिला अस्पताल के डॉक्टर पर मरीज की पिटाई और दुर्व्यवहार का आरोप लगा है.
Ground Report: मध्य प्रदेश की मोहन सरकार भलें ही प्रदेश वासियों को बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था देने का दम भर रहें हैं, लेकिन सीधी जिला अस्पताल में चिकित्सक मरीज का उपचार करने की वजाय उल्टा मरीज से ही मारपीट कर रहे हैं. चिकित्सा का मरीजों के साथ यह व्यवहार जहां स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है. वहीं पीड़ित मरीज परिजन डॉक्टर पर मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस से लेकर अस्पताल प्रबंधक तक से मामले की शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है. लिहाजा परिवार जनों को न्याय के नाम पर आश्वासन मिला है और मरीज के साथ मारपीट करने वाले डॉक्टर को सिविल सर्जन का नोटिस.
दरअसल, सीधी शहर के सुभाष नगर कॉलोनी के निवासी जगलाल प्रजापति अपने तीन वर्षी नातिन को दिखाने रात को 11:00 बजे के करीब अस्पताल पहुंचे थे जहां डियूटी में तैनात डॉक्टर नितिन सिंह के द्वारा मरीज का उपचार करने की बजाय उसके साथ गुंडागर्दी और दुर्व्यवहार परिवार जनों के हस्तक्षेप करने पर ड्रेसिंग रूम में ले जाकर बंद कमरे में लात मुके से पिटाई कर दी घटना के बाद आग बबूला हुए परिवारजन अस्पताल में, जहां जमकर हंगामा किया, बल्कि मामले की शिकायत डॉक्टर के खिलाफ सिटी कोतवाली पुलिस से की है. परिवार जनों का आरोप है कि डॉक्टर शराब के नशे में चूर थे अचानक जब मरीज को दिखाने पहुंचे तो डॉक्टर गुंडागर्दी दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिए जब हस्तक्षेप किया तो घसीट कर ड्रेसिंग रूम में ले जाकर कैमरा बंद कर लात घुसे मुक्के से पिटाई कर दी. हल्ला गुहार करने पर जॉन बच सकी है, डॉक्टर तो शैतान बन गए थे और कैंची लेकर गले में गोभने का प्रयास किए थे, पुलिस से शिकायत किए हैं, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है यही वजह है कि जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर यस बी खरें से भी मामले की शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई गई है, मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन ने डॉक्टर को कारण बताओं नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब मांगा है.
सीधी जिला अस्पताल भले ही 3 सौ बेड से अधिक का जिला अस्पताल है, लेकिन सुविधा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति और प्राथमिक की उपचार के बाद रेफर केंद्र बनकर रह गया है. इस अस्पताल में नियम अनुसार 50 से अधिक चिकित्सक होना चाहिए, लेकिन 15 डॉक्टर के भरोसे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था है. यही वजह है कि यहां पदस्थ डॉक्टर की मनमानी गुंडागर्दी चरम सीमा पर है. ऐसे में देखना दिलचस्प किया होगा कि आखिर पीड़ित मरीज के साथ डॉक्टर के द्वारा किए गए इस दुर्व्यवहार और गुंडागर्दी का मामला आगे क्या कुछ रुख अख्तियार करता है.
Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked a…और पढ़ें
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