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Hinglaj Mata Temple In Balaghat: पाकिस्तान के बलूचिस्तान के हिंगोला नदी के किनारे पर हिंगलाज माता का मंदिर है. हिंदू धर्म के शक्ति संप्रदाय के 51 शक्तिपीठों में से एक है. क्या आपको पता है हिंगलाज माता का एक मंदिर बालाघाट जिले में भी है. आइए जान लेते हैं इस मंदिर के बारे में.
Hinglaj Mata Temple In Balaghat: पाकिस्तान के बलूचिस्तान के हिंगोला नदी के किनारे पर हिंगलाज माता का मंदिर है. हिंदू धर्म के शक्ति संप्रदाय के 51 शक्तिपीठों में से एक है, लेकिन क्या आपको पता है हिंगलाज माता का एक मंदिर बालाघाट जिले में भी है. जी हां, बालाघाट से लगे हुए गांव कोसमी में माता हिंगलाज का मंदिर है, जहां पर भक्तों का जमावड़ा लगा होता है. बालाघाट के कोसमी स्थित माता हिंगलाज माता मंदिर को गंगा जमुना नाम से जाना जाता है. जानिए क्यों खास बालाघाट का माता हिंगलाज का मंदिर.
बालाघाट के कोसमी गांव में हिंगलाज माता का मंदिर है, जो करीब 250 साल से भी पुराना बताया जाता है. ऐसे में यह नवरात्रि में खास तौर से आस्था का केंद्र बन जाता है. वैसे तो साल भर यहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है, जहां पर भक्त गण माता हिंगलाज के दर्शन के लिए आते हैं. यहीं पर भैरव बाबा और काली माता के भी प्राचीन मंदिर स्थित हैं. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बिना इनकी पूजा-अर्चना के मां हिंगलाज के दर्शन अधूरे माने जाते हैं.
मंदिर बनने के पीछे है ये कहानी
मंदिर में सेवा करने वाले रामा नेवारे के मुताबिक, उनके दादा जी को माता जी बच्ची के रूप में दर्शन में आती थी. उनके साथ-साथ घूमती थी. उनके साथ खाना खाती थी. वहीं, उनसे माता जी ने उन्हें काम छोड़ने के लिए कहा और आजीवन काम देने की बात कही. इसके बाद उनके दादा जी को दिव्य शक्तियां प्राप्त हुईं. इसके बाद पीड़ितों को उनके बारे में बताना और उनकी समस्याओं का समाधान बताने का काम करते थे.
एक दिन अचानक से एक प्रतिमा प्रकट हुई, जो काफी छोटे आकार में थी, लेकिन समय के साथ बड़ी होती गई. जो भी भक्त गण आते थे, उनकी मुरादे पूरी होती थी. ऐसे में वह मंदिर में चढ़ावा चढ़ाते और मंदिर का विकास होता था. बालाघाट की निशा गुप्ता बताती हैं कि बालाघाट के ऐसे कई परिवार हैं, जिनके विवाह के बाद पहले दर्शन इस मंदिर में माता हिंगलाज के होते हैं. वहीं, जन्म के बाद बच्चे को 45 दिनों के बाद सबसे पहले माता हिंगलाज के दर्शन करवाएं जाते हैं. उनके अमुसार, हम भाग्यशाली है कि यह दुर्लभ मंदिर बालाघाट में स्थित है.
सिंधी समाज की आराध्य देवी
बालाघाट के रहने वाले श्याम पंजवानी के मुताबिक, माता हिंगलाज का मंदिर एक दिव्य मंदिर है, जहां पर जाने वाले हर भक्त के संकट खत्म होते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. वहीं, हिंगलाज माता सिंधी समाज की आराध्य देवी हैं. उन्होंने बताया कि मंदिर के विकास के लिए भी काम किए जाएंगे.
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
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