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Tilak Varma reaction after back dubai to india: तिलक वर्मा एशिया कप में भारत की जीत के नायक रहे. दुबई से घर लौटने के बाद तिलक ने बताया कि पाकिस्तानी क्रिकेटर उन्हें ऐसी ऐसी बातें कह रहे थे जिसे कि वो कैमरे के सामने बता नहीं सकते. उन्होंने कहा कि बैटिंग के दौरान वो काफी आक्रामक हो गए थे.
नई दिल्ली. तिलक वर्मा ने एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ मैच विनिंग पारी खेली. तिलक जब बैटिंग कर रहे थे, तब पाकिस्तान के खिलाड़ी उन्हें भद्दी भद्दी गालियां दे रहे थे.तिलक ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद तो वो काफी आक्रामक हो गए हैं. वो मुझे घेरने की कोशिश कर रहे थे लेकिन मैंने ये ठान लिया था कि मुझे मुंह से इन्हें जवाब नहीं देना है. इन्हें मेरा बल्ला जवाब देगा. और मैं इसमें सफल रहा. तिलक वर्मा ने कहा कि फाइनल के शुरुआती दबाव और पाकिस्तानी खिलाड़ियों के मौखिक हमलों का उन्होंने बखूबी सामना किया और आक्रामक प्रतिद्वंद्वी को ‘सर्वश्रेष्ठ जवाब’ खिताब जीतना था.
तिलक वर्मा ने दुबई से वापस लौटने के बाद पाकिस्तान के खिलाड़ियों की पोल खोलकर रख दी.
‘पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने मैच में जमकर छींटाकशी की’
तिलक ने स्वीकार किया कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने मैच में जमकर छींटाकशी की लेकिन उन्होंने खामोश रहना पसंद किया. उन्होंने कहा ,‘ऑपरेशन सिंदूर के बाद वे हमारे खिलाफ काफी आक्रामक हो गए थे. हमने उन्हें खेल को जिस तरीके से खेला जाना चाहिए, वैसे ही खेलकर जवाब दिया.’ उन्होंने कहा ,‘हमने तीन विकेट जल्दी गंवा दिये थे और माहौल काफी गर्म हो गया था. मैं जल्दी बल्लेबाजी करने आ गया लेकिन मैने किसी को कुछ नहीं कहा और ना ही कोई खराब शॉट खेलकर टीम और देश को निराश किया.’
‘मैच के दौरान मेरा फोकस बेसिक्स पर था’
भारतीय मिडिल ऑर्डर बैटर तिलक ने कहा कि एक बार भारत जीत गया तो उन्होंने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को जवाब दिया. उन्होंने कहा ,‘मैच के दौरान मेरा फोकस बेसिक्स पर था और मैं उन्हें जवाब नहीं देना चाहता था. मुझे जो कुछ कहना था, वह मैने मैच के बाद कहा. मैच में बहुत कुछ चल रहा था जो मैं बता नहीं सकता .भारत और पाकिस्तान के मैचों में यह होता है लेकिन हमारा फोकस मैच जीतने पर था.’ भारत को आखिरी ओवर में दस रन चाहिए थे और तिलक ने कहा कि वह तब तक दबाव से ऊपर उठ चुके थे.
‘मुझ पर आखिरी ओवर में दबाव नहीं था’
तिलक वर्मा ने कहा ,‘मुझ पर आखिरी ओवर में दबाव नहीं था. मुझे पता था कि मैं मैच जिता दूंगा. मैं अपने देश के बारे में ही सोच रहा था और गेंद दर गेंद रणनीति बना रहा था. मुझे गर्व है कि मैं यह कर सका.’ तिलक ने इस पारी को अपने कैरियर की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक बताया. उन्होंने कहा ,‘मैं इसे सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक कहूंगा. इसके अलावा इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में मैंने नाबाद 72 रन बनाये थे जो बेहतरीन पारी थी. एशिया कप खेलना और पाकिस्तान के खिलाफ दबाव के हालात में फाइनल खेलना बहुत अच्छा अहसास था. मैं इस पारी को अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी कहूंगा.’ उन्होंने कहा कि भारत इसलिए जीत सका क्योंकि बल्लेबाजी के लिए कठिन पिच पर अच्छी साझेदारियां की.’
करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से… और पढ़ें