USA Cricket: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों हर चीज पर और देशों पर टैरिफ लगा रहे हैं. टैरिफ लगाने में व्यस्त अमेरिकी राष्ट्रपति अपने देश में क्रिकेट को बर्बाद होने से नहीं बचा पा रहे. यूएसए क्रिकेट ने दिवालियापन के लिए आवेदन दायर कर दिया है. आईसीसी के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि उसके किसी मेंबर ने इस तरह का कदम उठाया है. इसने पूरे क्रिकेट जगत में हड़कंप में मचा दिया है. कुछ दिन आईसीसी ने अमेरिकी क्रिकेट बोर्ड पर प्रतिबंध लगाया था और अब इस खबर ने सबको हैरान कर दिया है.
दिवालियापन के लिए किया आवेदन दायर
क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, यूएसए क्रिकेट ने अमेरिकन क्रिकेट एंटरप्राइजेज (ACE) के साथ अपने विवाद पर कोलोराडो में निर्धारित प्रारंभिक-निषेधाज्ञा सुनवाई से ठीक मिनटों पहले चैप्टर 11 दिवालियापन के लिए आवेदन दायर कर दिया है. यूएसए क्रिकेट (USAC) द्वारा चैप्टर 11 दिवालियापन के लिए आवेदन करने का मतलब है कि यूएसएसी के वित्त को सार्वजनिक रूप से सामने रखा जाएगा. इसमें बैंक नकदी, प्राप्य खाते, कार्यालय उपकरण और अन्य छोटी संपत्ति शामिल हैं. हालांकि, सबसे बड़ी चिंता यह है कि इंटरनेशनल क्रिकेटरों सहित वर्तमान खिलाड़ियों के अनुबंध खतरे में आ गए हैं.
भुगतान में देरी या कटौती का खतरा
इससे पहले अमेरिकन क्रिकेट एंटरप्राइजेज (ACE) ने एक प्रारंभिक निषेधाज्ञा (preliminary injunction) स्वीकार करने की शर्त पर समझौते के अनुसार खिलाड़ियों के अनुबंधों का भुगतान जारी रखने की पेशकश की थी. दिवालियापन आवेदन दाखिल करने के अलावा यूएसएसी ने इस प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया. साथ ही आईसीसी से निलंबन के बाद भी उसने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया. अंततः, घटनाओं की इस सीरीज ने खिलाड़ियों के भविष्य पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है. उनके अनुबंध 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो रहे हैं.
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आईसीसी की चुप्पी
पिछले महीने आईसीसी द्वारा यूएसएसी को निलंबित करने के बाद उसने कहा था कि खिलाड़ियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. यूएसएसी के दिवालियापन के लिए आवेदन करने के इस रणनीतिक कदम के बाद आईसीसी ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.
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एसीई ने की आलोचना
एसीई ने फाइलिंग के समय और इरादे की निंदा की. क्रिकबज से एसीई के एक प्रतिनिधि ने कहा, ”यूएसएसी प्रारंभिक निषेधाज्ञा सुनवाई शुरू होने को भी बर्दाश्त नहीं कर सका और जानता था कि परिणाम पूर्व निर्धारित था. उनके पास पार्टियों के समझौते को समाप्त करने का कोई आधार नहीं था और वह अमेरिका में क्रिकेट की सफलता को लापरवाह तरीके से खतरे में डाल रहा था. यूएसएसी को क्रिकेट और उसके खिलाड़ियों के सर्वोत्तम हित की जरा भी परवाह नहीं है और यह सिर्फ राजनीति और उसके निदेशकों के व्यक्तिगत एजेंडे से प्रेरित है.”