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Sagar News: सागर का वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व भी सैलानियों का बांहे फैला कर स्वागत करने को तैयार है. इस टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी करने के लिए अब ऑनलाइन सुविधा शुरू कर दी गई है. एमपी टूरिज्म की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं.
Sagar News: वाइल्डलाइफ प्रेमियों के लिए एक खुशखबरी है. मानसून के दौरान बंद रहने वाले एमपी के वन्य जीव अभ्यारण टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क में एंट्री दोबारा शुरू हो गई है. अब नदियां तालाब पहाड़ जंगल और वन्यजीवों के बीच जंगल सफारी कर अपने रोमांच को और भी ज्यादा बढ़ा सकते हैं. 1 अक्टूबर यानी से पर्यटक अपने दोस्तों और फैमिली के साथ जंगल सफारी का आनंद ले सकते हैं. इस नए सीजन के साथ ही टूरिस्टों के लिए कुछ नई सुविधा भी शुरू की गई है. पहले ही दिन बड़ी संख्या में पर्यटक जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए पहुंचे.
वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व का उदय सितंबर 2023 में हुआ लेकिन इसका इतिहास 50 साल पुराना है. सन 1975 में इस जंगल के बीचों बीच छोटे से गांव नौरादेही के नाम पर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी का गठन किया गया था, जो भारतीय भेड़ियों के लिए मशहूर था. यहां पर इंडियन वुल्फ के लिए हिंदुस्तान के सबसे बड़े प्राकृतिक आवासों में से एक है. मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व होने के बाद यहां वन्य जीव प्राणियों के साथ घास के मैदान जंगल में तरह-तरह के पेड़ और टाइगर रिजर्व के अंदर तालाब में अटखेलिया करने वाले रंग-बिरंगे पक्षी हर किसी को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं.
सफारी की ऑनलाइन बुकिंग उपलब्ध
इस टाइगर रिजर्व में बाघ के साथ-साथ भारतीय भेड़िया, तेंदुआ, जंगली ,बिल्ली, नीलगाय ,चीतल ,चिंकारा ,सांभर, हाथी जैसे अनेकों वन्य प्राणी देखने को मिलते हैं. यहां के तालाब और नदियों में बड़े-बड़े मगरमच्छ हैं जो अक्सर किनारों पर धूप सकते हुए नजर आते हैं. MP Tourism और वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर सफारी की ऑनलाइन बुकिंग उपलब्ध है. टूरिस्ट खुद जोन (कोर/बफर) चुन सकते हैं और अपनी गाड़ी/सीट रिजर्व कर सकते हैं. इसके लिए आप वेबसाइट- forest.mponline.gov.in पर जाकर अपनी सुविधानुसार बुकिंग कर सकते हैं.
यहां जानें टिकट रेट
ऑफलाइन बुकिंग के लिए आपको टाइगर रिजर्व के गेट पर ही पहुंचना पड़ेगा. सागर किस टाइगर रिजर्व में हिनौती गेट और बीना वराह पर पहुंच कर जिप्सी गाइड विश्रामगृह जैसी चीजों की बुकिंग करा सकते हैं.
सर्दी (अक्टूबर से मार्च) – जंगल हरा-भरा और ठंडा होता है. इसलिए सबसे ज्यादा टूरिस्ट इस दौरान ही जंगलों की सैर करने चले आते हैं.
गर्मी (अप्रैल से जून) – टाइगर साईटिंग के लिए बेस्ट समय है क्योंकि बाघ उनके लिए बनाए गए या फिर नेचुरल पानी के सोर्स पर पानी पीने आते हैं. ऐसे में उन्हें देखना आसान हो जाता है. यहां टिकट ढाई सौ रुपए का, जंगल सफारी 2400 रुपए में (अधिकतम 6 लोग एक जिप्सी), रुकने के लिए रेस्ट हाउस में नॉन एसी रूम 1500 रुपए और एसी रूम 2000 रुपए में मिलता है.
Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें
Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across … और पढ़ें