रावण की नाक पर मुक्का मारकर करते हैं वध: दशहरे पर 128 साल पुरानी परंपरा; राम की सेना करती है हमला – Mandsaur News

रावण की नाक पर मुक्का मारकर करते हैं वध:  दशहरे पर 128 साल पुरानी परंपरा; राम की सेना करती है हमला – Mandsaur News


रावण की प्रतिमा पर राम की सेना करती है हमला, सामने खड़े रावण की सेना उसे बचाती है।

मंदसौर जिले के धमनार गांव में दशहरे पर एक अनूठी परंपरा का पालन किया जाता है। यहां रावण की लगभग 50 फीट ऊंची प्रतिमा का वध उसकी नाक पर मुक्का मारकर किया जाता है। यह अनोखा आयोजन पिछले 128 वर्षों से लगातार जारी है।

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इस परंपरा के तहत, दशहरे पर राम और रावण की दो सेनाएं बनाई जाती हैं। राम की सेना मैदान में रहती है, जबकि रावण की सेना रावण की प्रतिमा के लिए बने मंच पर खड़ी होती है। रावण की सेना का मुख्य उद्देश्य राम की सेना को रावण की नाक तक पहुंचने से रोकना होता है।

रास्ते में खड़े लोग बचाते हैं।

दोनों सेनाओं के बीच एक प्रतीकात्मक युद्ध होता है, जिसमें जलते हुए पटाखे और टोकरियां एक-दूसरे पर फेंकी जाती हैं। यह युद्ध तब तक जारी रहता है, जब तक राम की सेना का कोई सदस्य रावण की सेना को भेदकर रावण की नाक तक नहीं पहुंच जाता।

जैसे ही राम की सेना का कोई व्यक्ति रावण की नाक पर मुक्का मारता है, युद्ध समाप्त हो जाता है और इसे रावण वध माना जाता है। यह आयोजन देखने में भले ही हिंसक लगे, लेकिन यह धमनार गांव की एक पुरानी और प्रतिष्ठित परंपरा का हिस्सा है।



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