तीन दिन पहले बाघ का कंकाल मिला था। लेकिन बाघ की शिनाख्त नहीं हो सकी है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर परिक्षेत्र में एक बाघ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद प्रबंधन सक्रिय हो गया है। बीटीआर अब एक घायल बाघ के साथ बाघिन कांटीवाह और उसके तीन शावकों की तलाश में जुट गया है।
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यह घटना 3 अक्टूबर को सामने आई, जब लगभग दस दिन पुराना एक बाघ का शव मिला। शव अत्यधिक पुराना और क्षत-विक्षत होने के कारण उसकी पहचान नहीं हो पाई थी। इसके बाद पनपथा बफर क्षेत्र में रहने वाले बाघों की निगरानी बढ़ा दी गई।
कई दिनों से नजर नहीं आई बाघिन
पनपथा बफर क्षेत्र में बाघिन कांटीवाह को अक्सर अपने तीन शावकों के साथ देखा जाता था। हालांकि, शव मिलने के बाद से बाघिन और उसके शावक दिखाई नहीं दे रहे हैं। प्रबंधन को आपसी संघर्ष की आशंका है, जिसके चलते इस क्षेत्र में घूमने वाले अन्य बाघों और लापता बाघिन की लगातार तीन दिनों से तलाश की जा रही है।
इस तलाशी अभियान में दो परिक्षेत्रों, खितौली और पनपथा बफर, की लगभग पचास से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों की टीम जंगल में गश्त कर रही है। दो हाथी दल को जंगल में सर्चिंग के लिए लिया गया है। क्षेत्र में बाघों की गहन निगरानी की जा रही है।
मौत की भी आशंका
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि मृत बाघ की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। उन्होंने पुष्टि की कि बाघिन कांटीवाह और उसके शावकों की भी तलाश की जा रही है। सहाय ने कहा कि यह कहना अभी मुश्किल है कि मिला शव बाघिन का ही है, जांच जारी है।