बिल्ली के रास्ता काटने पर रुकते हैं? जानें कितनी सच है अपशकुन से जुड़ी ये बात

बिल्ली के रास्ता काटने पर रुकते हैं? जानें कितनी सच है अपशकुन से जुड़ी ये बात


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Jabalpur News: प्रोफेसर प्रतीक कुमार तिवारी ने लोकल 18 से कहा कि यह सच है कि बिल्ली के रास्ता काटने पर लोग वहीं ठहर जाते हैं और कोई अपशकुन न हो, इसको लेकर जरूर घबराते हैं लेकिन ऐसा करना सरासर गलत है.

जबलपुर. अक्सर देखने में आता है कि जब भी हम रास्ते से गुजरते हैं और बिल्ली रास्ता काट देती है, तब हम रुक जाते हैं और किसी दूसरे के गुजरने का इंतजार करते हैं. इसके बाद ही हम आगे बढ़ते हैं. इतना ही नहीं, कुछ लोग बिल्ली द्वारा सड़क पार की गई जगह पर पहले पत्थर डालते हैं और फिर आगे बढ़ते हैं. दूसरी तरफ, लोगों का यह भी मानना होता है कि यदि बिल्ली के रास्ता काटने के बाद हम तुरंत आगे बढ़ जाएं, तब एक्सीडेंट हो जाता है क्योंकि बिल्ली का रास्ता काटना अपशकुन माना जाता है. यह तरह-तरह की बातें अक्सर सुनने को मिलती हैं. आइए जानते हैं कि आखिर इन बातों में कितना दम है. क्या इनके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण है या फिर ये सब महज भ्रांति है.

मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी प्रोफेसर प्रतीक कुमार तिवारी ने लोकल 18 से बात करते हुए कहा कि यह सच है कि बिल्ली के रास्ता काटने के बाद लोग ठहर जाते हैं और किसी तरह की अनहोनी न हो, इसको लेकर जरूर घबराते हैं लेकिन ऐसा करना बिल्कुल गलत है. इसके पीछे न कोई तर्क है और न ही कोई वैज्ञानिक कारण. यह पुरानी रूढ़िवादी परंपरा दशकों से चली आ रही है. सामान्यत: बिल्ली रास्ता पार करके ही गुजरेगी. उनके पास भी कोई ऑप्शन नहीं होता. ऐसे में बिल्ली के रास्ता काटने के बाद किसी तरह की घटना हो जाना, ये सब व्यक्ति विशेष की लापरवाही का ही नतीजा होता है, जिसका ठीकरा बिल्ली पर फोड़ दिया जाता है.

प्लेग बीमारी के बाद चूहे की वजह से बिल्ली से सतर्क
उन्होंने आगे कहा कि हालांकि कभी-कभी ऐसा होता है कि जब वाहन नियंत्रण में न हो और अचानक से बिल्ली वहां से गुजर जाए, तब एक्सीडेंट हो जाता है लेकिन इसमें भी वाहन चालक की ही लापरवाही होती है. बिल्ली से जुड़े कई अंधविश्वास भी हैं. पुराने समय में चूहों के कारण अक्सर प्लेग जैसी बीमारी फैलती थी. हजारों लोग मर जाते थे.चूंकि बिल्ली चूहों को खाती है, यही कारण है कि बिल्ली से संक्रमण न फैले, इसीलिए बिल्ली से भी दूरी बनाने को लेकर यह भ्रांति फैलाई गई. जो दशकों से चली आ रही है.

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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