भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए सीरीज में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज का बुरी तरह से सूपड़ा साफ कर दिया. भारतीय टीम ने पूरी सीरीज के दौरान गेंद और बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया. दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 518 रन बनाए जवाब में वेस्टइंडीज 248 ही बना सकी. फिर कप्तान शुभमन गिल ने फॉलोऑन दिया और वेस्टइंडीज 390 रन बना पाई. इसके बाद भारतीय टीम को 121 रनों का लक्ष्य मिला. टीम इंडिया ने ये मैच के पांचवें दिन के पहले ही सेशन में 7 विकटों से मुकाबला जीत लिया, इसके बाद वेस्टइंडीज के कप्तान रोस्टन चेज का दर्द सबके सामने आया.
एकमात्र अनुभवी खिलाड़ी
वेस्टइंडीज के कप्तान रोस्टन चेज का मानना है. वेस्टइंडीज के प्रथम श्रेणी वाले पहले की तरह अब कुशल नहीं रहे हैं. इस कारण उनकी टीम पर काफी असर पडा है. ऐसे में उनका मानना है मौजूदा टीम को ज्यादा से ज्यादा मौका देना होगा, जिससे वह बेहतर प्रदर्शन करें और अपनी गलती से सीख पाएं. बता दें कि अभी की टीम में कप्तान रोस्टन चेज को छोड़कर किसी भी खिलाड़ी के पास 50 टेस्ट मैचों का अनुभव भी नहीं है. ऐसे में उनकी तुलना बड़े देशों से ठीक नहीं होगा, क्योंकि अभी काफी कुछ सीखने को बचा है. चेज ने और भी बहुत कुछ कहा है.
मौका देने की बात कही
भारत के खिलाफ हार के बाद उन्होंने कहा, ‘हम अपने खिलाड़ियों को जितना ज्यादा से ज्यादा मौका दे सकें, उनके लिए वह उतना ही बेहतर होगा.इससे होगा ये वह अपनी गलती से सीख पाएंगे. हमारे यहां के प्लेयर्स 15-20 मैच खेलकर ही इंटरनेशनल मैच खेलना चालू कर देते हैं. इसलिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा मौका देना होगा.’
डोमेस्टिक मैच खेलें
कप्तान चेज ने आगे कहा, ‘ बाकी के देशों के खिलाड़ियों की बात आती है तो उनके पास इंटरनेशनल मैच खेलने से पहले ही डोमेस्टिक मैचों का काफी अनुभव रहता है. वे कम से कम 80 से 100 मैच खेलकर आए होते हैं. ऐसे में हम अपने खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा मौका देंगे और यह उनके लिए बेहतर होगा वह जितनी जल्दी सीख पाएंगे.’