आगरा से ग्वालियर के बीच बन रहे ग्रीनफील्ड हाइवे को लेकर किसानों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर सांकेतिक प्रदर्शन किया। किसान सभा एवं विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारियों के साथ पहुंचे किसानों ने जमीन के उचित मुआवजे, माता बसैया थाना प्रभारी को हटाने और क
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किसान संघ, किसान कांग्रेस और सीटू सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने ज्ञापन में कहा कि हाइवे निर्माण के लिए उनकी जमीनें अधिग्रहित की जा रही हैं, लेकिन सरकार द्वारा दिया जा रहा मुआवजा अत्यंत कम है, जिससे किसान असंतुष्ट हैं।
किसानों की मांग है कि ग्रीनफील्ड हाईवे में जा रही जमीनों के बदले उचित और बढ़ा हुआ मुआवजा दिया जाए। माता बसैया थाना में दर्ज 7 किसानों पर हुई एफआईआर को वापस लिया जाए। किसानों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले थाना प्रभारी को हटाया जाए।
मुआवजा नहीं बढ़ाया तो करेंगे जेल भरो आंदोलन
किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों की जमीनें हड़प रही है और मुआवजे के नाम पर नगण्य राशि दे रही है। उन्होंने कहा कि “राजस्थान और उत्तर प्रदेश में कलेक्टर गाइडलाइन बढ़ाकर किसानों को चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है, तो मध्यप्रदेश के किसानों के साथ यह भेदभाव क्यों?”उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुआवजा नहीं बढ़ाया गया तो जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।
जांच के बाद होगी कार्यवाही
एडिशनल एसपी सुरेंद्र प्रताप ने बताया कि किसानों ने ज्ञापन में थाना प्रभारी पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए एक वीडियो भी सौंपा है। इस मामले की जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
शासन की गाइडलाइन के अनुसार मुआवजा
एसडीएम भूपेंद्र कुशवाह ने कहा कि ग्रीनफील्ड हाइवे परियोजना के लिए किसानों को मध्यप्रदेश शासन की गाइडलाइन के अनुसार मुआवजा दिया जा रहा है। यदि किसी किसान को मुआवजा कम लगता है, तो वह संबंधित न्यायालय में अपील कर सकता है।