विदिशा जिला पंचायत अध्यक्ष गीता रघुवंशी और उनके प्रतिनिधि कैलाश रघुवंशी ने नेशनल हाईवे प्राधिकरण (NHAI) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एनएचएआई अधिकारी राजनीतिक दबाव में आकर नियमों का उल्लंघन करते हुए उनकी भूमि पर जबरन सीमांकन और पोल शिफ्टिंग
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अध्यक्ष रघुवंशी ने बताया कि कुछ दिन पहले राजस्व विभाग और पुलिस बल के साथ एनएचएआई अधिकारियों ने उनके प्लॉट पर सीमांकन कर दिया, जबकि उस समय वे मौके पर मौजूद नहीं थीं। इसके बावजूद पोल शिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को नियमों के विपरीत और मनमाना बताया।
पहले भी की थी शिकायत, फिर भी जारी रहा कार्य रघुवंशी ने बताया कि इस पूरे मामले की शिकायत वे पहले भी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और संबंधित अधिकारियों से दिशा समिति की बैठक में कर चुकी हैं, लेकिन इसके बाद भी एनएचएआई द्वारा नियमविरुद्ध कार्यवाही जारी रखी गई।
उन्होंने बताया कि नोटिस केवल सर्वे नंबर 480/1/1 के नाम पर जारी किया गया था, जबकि जिस स्थान पर काम चल रहा है वहां सीमांकन हुआ ही नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय बारिश के कारण खेत में प्रवेश संभव नहीं था, फिर भी अधिकारियों ने कार्य शुरू करा दिया।
मुआवजा निर्धारण प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल अध्यक्ष गीता रघुवंशी ने मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया को भी संदिग्ध बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्य राजस्व निरीक्षक और रजिस्ट्रार की मौजूदगी में होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।उनकी वार्ड नंबर 37 में स्थित भूमि नेशनल हाईवे से सटी हुई है, जिसकी दर ₹8,000 प्रति वर्ग मीटर तय है। अनुबंध के अनुसार उन्हें दोगुना मुआवजा मिलना चाहिए, लेकिन यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रखी गई।
निरीक्षण के नाम पर पुलिस बल के साथ पहुंचे अधिकारी रघुवंशी ने कहा कि एसडीएम ने पहले बताया था कि अधिकारी केवल निरीक्षण के लिए आएंगे, लेकिन बाद में पुलिस बल के साथ नोटिस देना और सीमांकन कराना पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।उन्होंने आरोप लगाया कि एनएचएआई अधिकारी जनता को गुमराह कर रहे हैं और गलत तरीके से भूमि अधिग्रहण कर रहे हैं।
रघुवंशी ने इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।