टीम सलेक्शन के दौरान ‘बवाल’, राहुल द्रविड़ से उलझ गए थे अजीत अगरकर

टीम सलेक्शन के दौरान ‘बवाल’, राहुल द्रविड़ से उलझ गए थे अजीत अगरकर


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बीसीसीआई के चीफ सलेक्टर अजीत अगरकर ने बताया कि टीम सलेक्शन मीटिंग कई बार जोरदार बहस वाली हो सकती हैं.पूर्व भारतीय कोच राहुल द्रविड़ के साथ असहमति भी हुई, लेकिन फैसले टीम के हित में लिए जाते हैं और सहयोगात्मक प्रक्रिया होती है.

पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के साथ राहुल द्रविड़ और अजीत अगरकर

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने खुलासा किया कि बंद दरवाजों के पीछे चयन बैठकें काफी गरम हो सकती हैं. यहां तक कि उन्होंने पूर्व भारतीय मुख्य कोच राहुल द्रविड़ के साथ टीम चयन पर चर्चा के दौरान लगभग “झगड़े” होने की बात भी स्वीकार की. अगरकर ने भारत की चयन प्रक्रिया के अंदरूनी कामकाज पर दुर्लभ जानकारी दी.  हालांकि ये नहीं बताया कि ममला किस खिलाड़ी के सलेक्शन की वजह से गरमाया था.

अगरकर ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, “मेरा मतलब है कि राहुल द्रविड़ पहले कोच थे. वह मेरे अच्छे दोस्त हैं. मैं इसे झगड़ा नहीं कहूंगा लेकिन हमने कुछ वास्तविक असहमति की है कि वह क्या चाहते हैं. यह इसलिए है क्योंकि हम टीम के हित में काम करने की कोशिश कर रहे हैं.”

अगरकर ने जोर देकर कहा कि चयन प्रक्रिया एक सहयोगात्मक होती है. इसमें पूरी चयन समिति, मुख्य कोच और कप्तान के साथ डिटेल बातचीत शामिल होती है. पांच चयनकर्ताओं के शामिल होने के साथ विचारों में मतभेद आम हैं लेकिन बेहतर फैसला लेने की प्रणाली का हिस्सा हैं. “आखिरकार जब आप उस चयन बैठक तक पहुंचते हैं तो हम में से अधिकांश एक चीज पर सहमत होते हैं.”

उन्होंने कहा. “हमने इसके लिए बहुत सारी चर्चाएं की हैं और बहुत सारी असहमति हुई हैं, जो महत्वपूर्ण हैं. पांच लोग होंगे जिनके अलग-अलग विचार होंगे. उम्मीद है कि पांच पूरी तरह से अलग विचार नहीं होंगे लेकिन तथ्य यह है कि हमारे पास ये असहमति हैं इसका मतलब है कि हमारे पास एक विशेष स्थान के लिए एक से अधिक विकल्प हैं.”

उन्होंने कहा कि अधिकांश टीम अक्सर खुद ही चुन ली जाती है. लगभग 12 से 14 खिलाड़ी आमतौर पर तय होते हैं और बहस आमतौर पर एक या दो स्थानों पर होती है. अगरकर ने स्पष्ट किया कि कभी-कभी टकराव के बावजूद हर फैसला टीम के सर्वोत्तम हित में लिया जाता है.

“आखिरकार, यह हमारा फैसला है. चाहे वह राहुल के साथ पहले हो या अब गौतम [गंभीर] के साथ. यहां तक कि कप्तानों के साथ पहले रोहित और अब शुभमन के साथ हम चीजों पर चर्चा करते हैं. हमारा काम सबसे अच्छा संभव 15 देना है ताकि कप्तान और कोच का जीवन थोड़ा आसान हो सके. अगर आप उन्हें चर्चा में शामिल नहीं करते हैं तो यह मूर्खता होगी.”

Viplove Kumar

15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें

15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब… और पढ़ें

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