मध्य प्रदेश सरकार ने कार डीलर्स को लेकर निर्णय लिया है.
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में किसी भी तरीके के वाहनों को खरीदने के लिए पारदर्शिता बरती जाएगी. अब डीलर मनमाने दाम में वाहनों को नहीं बेच सकेंगे.
मध्य प्रदेश में दोपहिया वाहन का मामला हो या फिर चार पहिया वाहन का. इन वाहनों की खरीद के लिए शोरूम पर जाते हैं तो अलग-अलग शोरूम पर अलग-अलग कीमत पता चलती है. यह सब ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए किया जाता है, लेकिन अब ऐसा संभव नहीं हो पाएगा. क्योंकि ग्राहक को इस बात की जानकारी रहेगी कि कंपनी ने इस वाहन की कीमत कितनी तय की है. उसी कीमत के अनुसार ग्राहक किसी भी शोरूम से वाहन को आसानी से खरीद सकेगा. इसकी जानकारी सरकारी पोर्टल पर दर्ज होगी.
सतना और खरगोन में होगा शुरू
इस सिस्टम को सबसे पहले प्रदेश के सतना और खरगोन जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा. मध्य प्रदेश के साथ आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में केंद्र सरकार का यह पोर्टल उपयोग नहीं किया जा रहा था. मध्य प्रदेश में स्मार्ट चिप पर काम किया जा रहा था, लेकिन अब मध्यप्रदेश में इस सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा. परिवहन अधिकारियों का कहना है कि इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सबसे पहले सतना और खरगोन में शुरू किया जाएगा. इसके बाद प्रदेश के दूसरे जिलों में इसकी शुरुआत होगी.ड्राइविंग लाइसेंस का डाटा भी होगा ऑनलाइन
परिवहन विभाग के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए अब रजिस्टर्ड वाहनों के साथ ड्राइविंग लाइसेंस का डाटा भी अब ऑनलाइन डिस्प्ले होगा. यानी अब यह डाटा मध्य प्रदेश में नहीं बल्कि दूसरे राज्यों में भी ऑनलाइन नजर आएगा. यदि दूसरे राज्य में किसी वाहन का ट्रांसफर किया जाना है तो वाहन मालिक को एनओसी में किसी तरीके की दिक्कत नहीं आएगी. यही कारण है कि अब तमाम रजिस्टर्ड वाहनों और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी जानकारी देशभर में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर डिस्प्ले होगी.