मां नर्मदा के उद्गम स्थल पर किया गया आयोजन।
जिले की पवित्र नगरी अमरकंटक मां नर्मदा के उद्गम स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। यहां दीपावली के अवसर पर दीपोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान शाम को 5100 दीप जलाए गए, जिससे पूरा वातावरण रोशनी से जगमगा उठा।
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दीपोत्सव के तहत 5100 सामान्य दीपों के साथ-साथ 11 घी के दीपों का भी प्रज्ज्वलित किया गया। दीपों से सजी अमरकंटक नगरी आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठी, जिसने यहां आए भक्तों और पर्यटकों को एक यादगार अनुभव प्रदान किया।
लोगों ने नर्मदा में किया दीप दान
इस अवसर पर नगर के स्थानीय निवासियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। महिलाएं और पुरुष सबसे पहले मां नर्मदा के मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने श्रद्धापूर्वक दीप दान किया। इसके बाद, उन्होंने अपने-अपने घरों में पूजन-अर्चन कर दीपावली का पर्व धूमधाम से मनाया। यह परंपरा यहां हर साल बड़े श्रद्धा भाव से निभाई जाती है।
दूसरे प्रदेशों से भी आए लोग
दीपावली के इस विशेष मौके पर गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से आए श्रद्धालुओं ने अपनी पारंपरिक नृत्य शैलियों का प्रदर्शन किया। इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन की खूबसूरती को और बढ़ा दिया, साथ ही एकता और प्रेम का संदेश भी दिया।
आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक मेलजोल के इस अद्भुत संगम ने दीपावली के पर्व को और भी खास बना दिया। सभी श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को बधाइयां दी और सुख-समृद्धि की कामना की। यह आयोजन अमरकंटक में एकता, प्रेम और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक बन गया।