दीपावली की रात 8 से 10 बजे तक हमारा शहर संभाग में सबसे ज्यादा रोशन रहा। दीपावली की रात को कुल 488 मेगावॉट बिजली की खपत हुई। वहीं संभाग के अन्य सातों जिलों में कुल 603.4 मेगावॉट बिजली की खपत हुई। बिजली कंपनी के लिए शाम 7 से रात 12 बजे तक का समय सबसे
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कंपनी के चीफ इंजीनियर कामेश श्रीवास्तव के मुताबिक राजबाड़ा, लसूड़िया से पलासिया, राजबाड़ा से पलासिया, बिचौली मर्दाना क्षेत्र में अधिक डिमांड रही। मॉल, शोरूम, प्रमुख बाजारों में शाम 6 से रात 10 बजे तक रोशनी रही। प्रतिष्ठान बंद करने के बाद लोग घर गए तो खपत में भी कमी आने लगी।
रात 10 बजे तक 488 मेगावॉट तक के उच्च स्तर पर जाने के बाद खपत कम होती चली गई। रात 12 बजे खपत घटकर 380 मेगावॉट तक आ गई। इस स्तर पर आने के बाद बिजली कंपनी का लोड भी कम हो गया। धनतेरस से दीपावली की रात 10 बजे तक सबसे ज्यादा लोड रहता है।
जोन के बजाय ग्रिड पर अफसर दिवाली की रात जोन बैठने के बजाय सहायक, जूनियर इंजीनियर को आसपास की ग्रिड पर तैनात किया गया था। रात 8 से सुबह 5 बजे तक की शिफ्ट में भी लाइनमैन, हेल्पर और इंजीनियर को तैनात रखा था। वहीं कार्यपालन यंत्री को डिविजन के मुख्यालय पर बैठने के निर्देश दिए थे।