भावांतर योजना को लेकर लगातार प्रचार के बाद भी जिले के आधे किसान इसके लिए तैयार नहीं हैं। यही कारण है कि 24 अक्टूबर से भावांतर योजना के तहत होने वाली सोयाबीन खरीदी के लिए जिले के आधे किसानों ने ही पंजीयन कराया है। जिले में करीब 1 लाख किसान हैं। विभाग
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संभाग की बात करें तो आठों जिलों में कुल 432 पंजीयन केंद्रों पर 1,45,188 किसानों ने सोयाबीन भावांतर योजना में पंजीयन कराया है। इंदौर जिले में 61 पंजीयन केंद्रों के माध्यम से 46,061 किसानों ने योजना में पंजीयन कराया है। जिले में सोयाबीन बोवनी का कुल रकबा 2,41,236 हेक्टेयर है, जिसमें से 1,22,809 हेक्टेयर रकबा पंजीकृत हुआ है, जो कुल बोवनी का 50.91 प्रतिशत है।
कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि पंजीकृत किसानों को भावांतर भुगतान का लाभ नियमानुसार उपलब्ध कराया जाएगा। किसान 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक सोयाबीन मंडियों में फसल बेच सकेंगे। किसानों को भावांतर राशि का भुगतान सीधे पंजीकृत बैंक खाते में किया जाएगा।
अन्य जिलों में यह है पंजीयन स्थिति
- धार जिले में 80 केंद्रों पर 37,940 किसानों ने पंजीयन कराया है। यहां कुल बोवनी का रकबा 2,97,859 हेक्टेयर है, जिसमें से 1,06,464 हेक्टेयर पंजीकृत हुआ है, जो 35.74 प्रतिशत है।
- खंडवा जिले में 73 केंद्रों पर 20,001 किसानों ने पंजीयन कराया है। कुल 1,88,491 हेक्टेयर बोवनी रकबे में से 46,652 हेक्टेयर रकबा पंजीकृत (24.75%) हुआ है।
- बड़वानी जिले में 47 केंद्रों पर 13,455 किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया। जिले में 20,741 हेक्टेयर में बोवनी हुई, जिसमें से 15,592 हेक्टेयर रकबा पंजीकृत हुआ है। यह अनुपात 75.18 प्रतिशत है, जो संभाग में सर्वाधिक है।
- खरगोन जिले में 75 केंद्रों पर 13,364 किसानों ने पंजीयन कराया। यहां कुल बोवनी का रकबा 89,107 हेक्टेयर है और 24,799 हेक्टेयर रकबा (27.83%) पंजीकृत हुआ है।
- झाबुआ जिले में 10,478 किसानों ने 50 केंद्रों पर पंजीयन कराया। कुल 72,488 हेक्टेयर में से 13,578 हेक्टेयर (18.73%) रकबा पंजीकृत हुआ।
- बुरहानपुर जिले में 24 केंद्रों पर 2,534 किसानों ने पंजीयन कराया है। कुल 11,000 हेक्टेयर बोवनी में से 4,411 हेक्टेयर (40.10%) रकबा पंजीकृत हुआ है।
- आलीराजपुर में 22 केंद्रों पर 1,355 किसानों ने पंजीकरण कराया। कुल 39,209 हेक्टेयर में से 1,215 हेक्टेयर (3.10%) रकबा पंजीकृत हुआ है।