इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी (IOC) ने इंडोनेशिया में किसी भी अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन पर रोक लगाने की वकालत की है. दरअसल, इंडोनेशिया ने इजराइली एथलीट्स पर बैन लगाया है. बता दें कि इन दिनों इंडोनेशिया में 2025 वर्ल्ड जिमनास्टिक चैंपियनशिप चल रही है. इंडोनेशिया ने जकार्ता में चल रही इस वर्ल्ड जिमनास्टिक चैंपियनशिप में इजराइली एथलीट्स को हिस्सा लेने से रोक दिया है. इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी (IOC) इंडोनेशिया के इस कदम से बेहद नाराज है.
IOC ने अचानक उठाया ये बड़ा कदम
इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी (IOC) ने इंडोनेशिया में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित करने पर रोक लगाने की सिफारिश की है. IOC के कार्यकारी बोर्ड ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि वह ओलंपिक खेलों को लेकर इंडोनेशिया के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत को समाप्त कर रहे हैं. एक इंडोनेशियाई सरकारी अधिकारी ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि इजराइली एथलीट्स को 2025 वर्ल्ड जिमनास्टिक चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए वीजा नहीं दिया जाएगा.
इस देश ने इजराइली एथलीट्स पर लगाया बैन
इजराइल 2025 वर्ल्ड जिमनास्टिक चैंपियनशिप के लिए पंजीकृत 86 टीमों में से एक था, और उसकी टीम में 2020 ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता और पुरुषों के फ्लोर एक्सरसाइज में डिफेंडिंग वर्ल्ड चैंपियन आर्टेम डोलगोप्यात भी शामिल थे. आईओसी के कार्यकारी बोर्ड ने कहा, ‘ये कार्रवाई एथलीटों को शांतिपूर्वक कम्पटीशन करने के उनके अधिकार से वंचित करती है और ओलंपिक आंदोलन को खेल की शक्ति दिखाने से रोकती है.’
इंडोनेशिया ने क्यों लगाया बैन?
इंडोनेशिया दुनिया का सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला देश है और लंबे समय से यह देश फिलिस्तीनियों का कट्टर समर्थक रहा है. इजराइली एथलीटों की प्रस्तावित भागीदारी से इंडोनेशिया में विरोध हुआ था. जकार्ता के गवर्नर प्रमोनो अनंग ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि इजराइल-हमास युद्ध से उत्पन्न मानवीय तबाही असहनीय है और इजराइली एथलीटों के आने से अधिकांश इंडोनेशियाई लोगों को गहरा भावनात्मक कष्ट होगा. इंडोनेशिया उन देशों में शामिल है, जो 2036 ओलंपिक की मेजबानी करने के लिए दावा पेश कर रहे हैं. इस लिस्ट में भारत और कतर भी शामिल हैं. अगले दो समर ओलंपिक्स 2028 में लॉस एंजिल्स और 2032 में ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में आयोजित किए जाएंगे.